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‘भाजपा में घुटन महसूस हो रही थी’, कनुप्रिया का बड़ा बयान- काम तो छोड़िए वहां बोलने की भी आजादी नहीं!

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इंदौर: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन की बेटी कनुप्रिया सत्तन ने मंगलवार को कांग्रेस ज्वाइन कर ली, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. उन्होंने अब भाजपा में अभिव्यक्ति की आजादी नहीं होने का आरोप लगाया है. ईटीवी भारत से बातचीत में कनुप्रिया सत्तन ने कहा, ” देश की जनता इतनी दुखी और परेशान है, फिर भी अगर जनता भाजपा को वोट कर रही है तो यह देखना जरूरी है कि वाकई में लोग वोट कर भी रहे हैं या फिर कुछ और माजरा है?”

कनुप्रिया ने पिता से अलग राह चुनी

कनुप्रिया सत्तन इंदौर की पोस्ट ग्रेजुएट जर्नलिस्ट रही हैं, जिनका कार्य क्षेत्र दिल्ली रहा है. हालांकि, वह बचपन से ही स्वयंसेवक संघ की विचारधारा और भाजपा के बीच रही हैं. उनके पिता सत्यनारायण सत्तन भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक रह चुके हैं.

बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

वर्तमान दौर की भाजपा में किसी भी नेता को अभिव्यक्ति की आजादी नहीं होने का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा को प्राथमिकता देते हुए पार्टी की विधिवत सदस्यता ली है. राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, वरिष्ठ नेता मुकेश नायक और अर्चना जायसवाल की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया.

भाजपा में शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ भावना व्यक्त करना मुश्किल

इंदौर लौटने पर कनुप्रिया ने कहा, ” बड़ी उम्मीद से देश की जनता ने भाजपा को जनादेश दिया था, लेकिन आज हर वर्ग के लोग परेशान है. भाजपा पार्टी में ऐसा माहौल है कि शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ कोई अपनी भावना भी व्यक्त नहीं कर सकता है. लेकिन कांग्रेस में ऐसा नहीं है. इसलिए राजनीतिक कैरियर के लिए कांग्रेस को प्राथमिकता दी है. महंगाई बेरोजगारी समेत तमाम तरह की आम जनता की परेशानी के बावजूद भाजपा लगातार सत्ता में है यह सोचने वाली बात है.”

सिर्फ इतिहास की बात करता है शीर्ष नेतृत्व

उन्होंने आगे कहा, “यह देखना जरूरी है कि वाकई में सत्ता और सरकार से परेशान लोग भाजपा को वोट कर भी रहे हैं या नहीं. भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आज की परिस्थितियों को छोड़कर इतिहास की बात करता है. भाजपा इमरजेंसी की बातें करती है, लेकिन भाजपा ने कभी यह नहीं देखा कि इंदिरा गांधी की देश की समृद्धि हरित क्रांति और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की आधारशिला रखने में कितना बड़ा योगदान है.”

मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रही भाजपा

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, “धर्म और धार्मिक भेदभाव का एक ही पक्ष दिखाकर भ्रमित करना बीजेपी का काम बचा है. वह लोगों को मुंगेरीलाल के हसीन सपने दिखा रही है लेकिन वास्तविकता कुछ और है. यह सब युवा पीढ़ी को समझना होगा.”

सत्तन गुरु बोले, यह बेटी का व्यक्तिगत फैसला

इधर अपनी बेटी के कांग्रेस ज्वाइन करने पर वरिष्ठ भाजपा नेता सत्यनारायण सत्तन ने कहा, “बीजेपी में बच्चों को वैसे भी पिता के योगदान का फायदा नहीं मिलता है. ऐसे में यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है. बेटी के अलग विचार हो सकते हैं. इसलिए हम अपनी विचारधारा किसी पर नहीं थोप सकते. मेरे पिता भी कट्टर कांग्रेसी थे, लेकिन मैं संघ की शाखा में जाता था और भाजपा में हूं. बेटी के कन्यादान के बाद अब उसका खुद का परिवार है और अपने विचार है. वह अपना फैसला खुद ले सकती है.”

कनुप्रिया को लेकर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा संख्या 1 से कनुप्रिया का भविष्य उज्जवल है. क्योंकि वहां से संजय शुक्ला, कमलेश खंडेलवाल के अलावा अन्य नेताओं के भाजपा में जाने के कारण कांग्रेस में संभावना है. इसके अलावा कनुप्रिया को ब्राह्मण होने के नाते क्षेत्र के करीब 60 हजार ब्राह्मण मतदाताओं का कांग्रेस में प्रतिनिधित्व करने का भी मौका मिल सकता है. माना जा रहा है कि कनुप्रिया को पार्टी की चुनावी रणनीति के हिसाब से भी कांग्रेस में ज्वाइन कराया गया है.

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