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जिला अस्पताल में रक्षक ही बनी भक्षक! नर्स ने गर्भवती महिला को चाकू मारे, पैसे न देने पर दी खौफनाक सजा; जांच शुरू

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दमोह जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान एक प्रसूता के साथ अमानवीय व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है. आरोप है कि प्रसव के समय महिला के साथ नर्सों ने मारपीट की. पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला की जांघों पर कैंची से वार किए गए, जिससे उसे अत्यधिक दर्द हुआ और चोटें भी आई हैं.

जिले के इमलाई गांव निवासी सविता रैकवार की सास ने बताया कि 2 फरवरी की रात करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाना गया था. आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सों ने महिला के साथ गाली-गलौज और मारपीट की. इतना ही नहीं महिला की जांघों पर कैंची से वार भी किए. बाद में प्रसव के बाद महिला को वार्ड में शिफ्ट करने के नाम पर पैसों की मांग भी की गई.

कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

पीड़िता के परिजनों ने रात करीब तीन बजे कलेक्टर को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी. कलेक्टर ने इस मामले को लेकर सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल को जांच के आदेश दिए और संबंधित नर्सों के बयान दर्ज कराए गए. मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए समिति का गठन किया है.

वहीं, पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि शिकायत वापस लेने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है. जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का कहना है कि यदि प्रसूता के साथ गलत व्यवहार हुआ है तो यह निंदनीय है और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मामले के सामने आने के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

वहीं डाॅ. प्रहलाद पटेल ने कहा कि जांच समिति का गठन किया गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अस्पताल में पूरी व्यवस्था की निगरानी की जा रही है. मरीजों को अच्छा इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है.

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