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खैरागढ़ में SIR प्रक्रिया पर बवाल: मुस्लिम समाज ने एसडीएम से की शिकायत, लगाया पक्षपात का गंभीर आरोप

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खैरागढ़: एसआईआर की प्रक्रिया पर मुस्लिम समाज के लोगों ने ऐतराज जताया है. मुस्लिम समाज का कहना है कि वो इस प्रक्रिया के विरोध में नहीं हैं. लेकिन जिन लोगों का परिवार यहां सालों और दशकों से रह रहा है उनके नाम तो नहीं काटे जाने चाहिए. अपनी आपत्ति को लेकर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के साथ मुस्लिम समाज के लोग एसडीएम से मिलने पहुंचे.

मतदाता सूची से नाम काटे जाने का आरोप

मुस्लिम समाज के लोगों का कहना था कि कथित फर्जी आवेदन के जरिए कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए, काट दिए गए. समाज के लोगों ने कहा कि शहर के अलग-अलग वार्डों में कई सालों से रहे लोगों के नाम काटे गए हैं. समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से फार्म – 7 भरे गए हैं. एसडीएम को इस संबंध में एक ज्ञापन भी मुस्लिम समाज के लोगों ने सौंपा.

एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल

एसआईआर प्रक्रिया के तहत नाम काटे जाने को लेकर विवाद सिर्फ खैरागढ़ तक सीमित नहीं है. छुईखदान और गंडई से भी लोगों की शिकायतें इसी तरह की हैं. सामाजिक संगठनों का दावा है कि करीब 200 से अधिक मतदाताओं के नाम इस प्रक्रिया से प्रभावित हुए. मुस्लिम समाज ने इसे लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ साजिश करार देते हुए दोषियों पर कड़ी आपराधिक कार्रवाई की मांग की. इसके साथ ही सभी प्रभावित मतदाताओं के नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़े जाने की अपील की गई.

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