Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

रिश्तों की मौत और मासूम का कलेजा: मां की लाश के पास रोता रहा 10 साल का बच्चा, अपनों ने मुंह मोड़ा तो अकेले ही करवाया पोस्टमार्टम

14

उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक 10 वर्षीय बच्चे की बेबसी और हिम्मत की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस मासूम ने अपनी मां को खोने के बाद जिला अस्पताल में उनका शव अकेले ही संभाला. दरअसल, बच्चे की मां टीबी और एचआईवी (HIV) जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं. बुधवार रात को उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. हैरानी और दुख की बात ये थी कि जब महिला का निधन हुआ, तो उस मासूम के साथ न तो कोई रिश्तेदार था और न ही कोई पड़ोसी. वह बच्चा घंटों अपनी मां के शव के पास बैठकर किसी के आने का इंतजार करता रहा, लेकिन समाज ने जैसे उससे मुंह मोड़ लिया था.

जब पुलिस को इस मामले की भनक लगी, तो अधिकारी तुरंत अस्पताल पहुंचे. आंखों में आंसू लिए मासूम ने बताया कि उसके पिता की मौत भी पिछले साल एड्स (AIDS) के कारण हो गई थी. पिता के जाने के बाद रिश्तेदारों ने उनसे बात करना बंद कर दिया और कभी घर नहीं आए.

बच्चे ने रोते हुए कहा- पापा मौत के बाद मेरा स्कूल जाना छूट गया. मैं ही मां की देखभाल कर रहा था. रिश्तेदारों ने हमें अकेला छोड़ दिया. यहां तक कि मेरे चाचा को भी मां के गुजरने की खबर नहीं है. बच्चे ने बताया कि उसने मां का इलाज कानपुर और फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में भी कराया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी.

अकेले मां का शव लेकर मॉर्चुरी पहुंचा बच्चा

अस्पताल के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मां की मौत के बाद कोई नहीं आया, तो अस्पताल के ही एक कर्मचारी की मदद से बच्चा अपनी मां के शव को स्ट्रेचर पर रखकर अकेले ही मॉर्चुरी (शवगृह) तक ले गया. पोस्टमार्टम की औपचारिकताओं के दौरान भी वह बच्चा अकेला ही खड़ा रहा. कई घंटों बाद जब यह खबर फैली, तब कुछ दूर के रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे. करीब 60 किलोमीटर दूर कासगंज में रहने वाले उसके चाचा के आने के बाद ही बच्चे ने मां का साथ छोड़ा.

प्रशासनिक जांच शुरू

52 वर्षीय महिला का इलाज वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज, एटा में चल रहा था. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, महिला का 2017 में टीबी का इलाज हुआ था और वह स्वस्थ होकर घर लौटी थी. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने बताया कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस बार महिला को एचआईवी के इलाज के लिए सभी सरकारी सुविधाएं और सहायता प्रदान की गई थी या नहीं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.