Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार ग्वालियर में MITS की बीटेक छात्रा ने हॉस्टल में लगाई फांसी, सहेली को वाट्सऐप पर भेजा "बाय" और लिखा म... मंडला में इंसानियत की दर्दनाक मिसाल: पालतू मुर्गे को बचाने 30 फीट गहरे कुएं में उतरे बुजुर्ग, डूबने ... प्रथम विश्व युद्ध में ब्रिटिश हुकूमत को दिया था ₹35 हजार का कर्ज! सीहोर के परिवार को ब्रिटेन सरकार न... इंदौर पुलिस में हड़कंप: फर्जी गवाह और विवेचना में लापरवाही पर पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा का डिमो... मध्य प्रदेश: श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से निखरेगी Gen Z प्रतिभा, ₹1 लाख छात्रवृत्ति पर छि... इंदौर में कलयुगी बेटी की करतूत: मां के खाते से उड़ाए मृत पिता के ₹80 लाख, कोर्ट के आदेश पर बेटी-दामा... वेस्टइंडीज का 26 साल पुराना सपना टूटा! Port of Spain टेस्ट में पाकिस्तान की धमाकेदार जीत, बाबर-शफीक ... राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें: शाहजहांपुर की दो संपत्तियां होंगी नीलाम, सेंट्रल बैंक का ₹16.61 करोड... पाकिस्तान में नेताओं के झूठे हलफनामे पर कसेगा शिकंजा: चुनाव आयोग बदलने जा रहा है 2017 के कड़े नियम

चूहे खा गए 8 करोड़ का धान, कहां होबे छत्तीसगढ़ के मुसवा, खोजने वाले को देंगे 11 रुपए का इनाम:अमित जोगी

24

कबीरधाम: कवर्धा में धान शॉटेज मामले में जोगी कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया. जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता अमित जोगी के नेतृत्व में संग्रहण केंद्र पहुंचे और चूहा खोजकर सिस्टम का विरोध जताया. अमित जोगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये मामला बहुत गंभीर है, इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए.

धान शॉर्टेज को लेकर सीबीआई जांच की मांग

कवर्धा जिले में सामने आए करीब 7 करोड़ से अधिक के धान शॉर्टेज मामले को लेकर सियासत लगातार तेज होती जा रही है. कांग्रेस के बाद अब जोगी कांग्रेस (जेसीसीजे) ने भी इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

जेसीसीजे कार्यकर्ताओं ने धान संग्रहण केंद्र में खोजे चूहे

आज जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बाजार चारभाठा धान संग्रहण केंद्र पहुंचे और अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने संग्रहण केंद्र परिसर में प्रतीकात्मक रूप से चूहे खोजे और उनको पकड़ने की कोशिश करते नजर आए. अमित जोगी ने कहा कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर चूहे धान खा गए ये चिंता का विषय हैं.

आपको बता दें कि धान संग्रहण केंद्र में धान की भारी कमी को लेकर जिला प्रशासन की ओर से चूहे और दीमक को जिम्मेदार ठहराया गया था. जिसके बाद यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया कि क्या चूहे और दीपक इतनी बड़ी मात्रा में धान खा सकते हैं. पूरा विपक्ष अब धान शॉर्टेज को लेकर सरकार से सवाल पूछ रहा है. विपक्ष इसे भारी अनियमितता और गड़बड़ी से जोड़कर देख रहा है.

शासन की नजरों के सामने ये गड़बड़ी हुई है. अफसोस की बात है कि शासन की ओर से इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोला जा रहा है. हमारी मांग है कि शासन इसकी जांच सीबीआई से कराए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो: अमित जोगी, प्रदेश अध्यक्ष, जेसीसीजे (छत्तीसगढ़)

कलेक्टर से की सीबीआई जांच की मांग

संग्रहण केंद्र में प्रदर्शन के बाद अमित जोगी कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपते हुए पूरे धान शॉर्टेज मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. अमित जोगी ने कहा कि करोड़ों का धान गायब होना कोई सामान्य बात नहीं है. अमित जोगी ने कहा कि चूहे और दीमक मिलकर इतनी बड़ी मात्रा में धान नहीं खा सकते हैं, ये साजिश और भ्रष्टाचार है.

घोटाले का लगाया आरोप

जेसीसीजे अध्यक्ष, अमित जोगी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में “चूहे के बहाने जनता को चूना लगाने” का काम किया जा रहा है. अमित जोगी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संबंधित मंत्री इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं, जो यह बताता है कि यह घोटाला सरकार के संरक्षण में हुआ है. अमित जोगी ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक जोगी कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा.

धान खरीदी से जुड़ी कुछ बड़ी बातें

  • सरकार ने सामान्य धान और ग्रेड-ए धान के लिए अलग-अलग MSP तय की है.
  • 2025-26 के लिए लगभग ₹2369 (सामान्य) और ₹2389 (ग्रेड-ए) प्रति क्विंटल.
  • धान की खरीद के लिए एक विशेष अवधि होती है, जो आमतौर पर नवंबर से फरवरी तक चलती है.
  • 2025-26 के लिए 15 नवंबर से 31 जनवरी तक धान खरीदी होनी है.
  • किसान सरकारी केंद्र में अपनी उपज बेचते हैं.
  • धान खरीदी केंद्रों की संख्या और जगह जिला प्रशासन तय करता है.
  • ‘टोकन तुंहर हाथ’ जैसे ऐप्स और वेबसाइटों के ज़रिए किसान ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर रहे.
  • आज से ऑफलाइन टोकन लेने की व्यवस्था भी शुरू हो गई.
  • किसान के उपज को डिजिटल तौल और गुणवत्ता जांच के बाद लिया जा रहा.
  • धान बेचने वाले किसानों को 24-48 घंटे के भीतर बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा.
  • छत्तीसगढ़ में मार्कफेड (छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित) जैसी संस्थाएं धान खरीदी और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.