जगदलपुर: बस्तर की इंद्रावती नदी को जीवनदायिनी नदी का दर्जा दिया जाता है. सोमवार को इसी इंद्रावती नदी से 17 साल के छात्र का शव एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया. जिस छात्र का शव नदी से मिला है, वह छात्र बीते 4 दिनों से लापता चल रहा था. लापता छात्र की तलाश के लिए इंद्रावती नदी में एसडीआरएफ की टीम ने रेस्कूय ऑपरेशन चलाया. रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान टीम को छात्र का शव पानी की गहराई से बरामद हुआ.
17 साल के छात्र की इंद्रावती नदी से मिली लाश
मृतक जगदलपुर शहर के सन सिटी कॉलोनी में अपने नानी के घर रहकर JEE परीक्षा की तैयारी कर रहा था. परिजनों के मुताबिक परीक्षा परिणाम के बाद से वह मानसिक रूप से काफी दबाव में था और खुद को असफल मानने लगा था. पुलिस को एक नोट भी मिला है. जिसमें मृतक छात्र ने अपने माता-पिता और भाई से चैट जीपीटी के माध्यम से माफी मांगते हुए, खुद को असफल बताया है. नोट में यह भी लिखा गया है कि उसकी मौत को लेकर किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाए. नोट में छात्र ने अपने परिजनों से अपने जाने का दुख नहीं करने की भी अपील की गई है.
कोतवाली पुलिस का बयान
कोतवाली थाना प्रभारी भोलासिंह राजपूत ने बताया कि छात्र के गुम होने की रिपोर्ट परिजनों ने थाने में लिखाई थी. गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद हमने लापता छात्र की तलाश शुरू की. 4 दिन के बाद एसडीआरएफ की टीम और कोतवाली पुलिस ने छात्र को इंद्रावती नदी से खोज निकाला. छात्र ने क्यों जान दी इसकी पड़ताल की जा रही है. परिवार वालों से भी हम पूछताछ कर रहे हैं.
परिजनों को चाहिए छात्रों का हौसला बढ़ाते रहें
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा में असफलता जीवन की असफलता नहीं होती. लेकिन समय पर संवाद और भावनात्मक सहयोग न मिलने से हालात गंभीर हो सकते हैं. ऐसे में परिजनों को भी चाहिए कि वो बच्चे से लगातार बातचीत करते रहें, उसका हौसला बढ़ाते रहे. अगर बच्चा निराशा या अवसाद में जा रहा है तो परिजनों को चाहिए वो उसका मार्गदर्शन करें, जरुरत पड़ने पर उसकी एक्सपर्ट से काउंसलिंग भी कराएं.
आत्महत्या नहीं है समाधान
यदि आपके मन में कभी निराशा में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं, या आप किसी मित्र के बारे में चिंतित हैं, या आपको भावनात्मक समर्थन की जरूरत है, तो ऐसे में कोई है जो हमेशा आपकी बात सुनने के लिए मौजूद है. स्नेहा फाउंडेशन को कॉल करें- 04424640050 (24×7 उपलब्ध) या आईकॉल, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की हेल्पलाइन – 9152987821 (सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध).
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