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हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश के कर्मचारियों का मजा किया दोगुना, खातों में एक साथ आएंगे 3.50 लाख

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भोपाल: मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद एक मुश्त बड़ी राशि मिलने की उम्मीद जाग गई है. जबलपुर हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरी में भर्ती होने वाले कर्मचारियों द्वारा जारी प्रोबेशन पीरियड के आदेश को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जब सरकार कर्मचारियों से 100 फीसदी काम ले रही है, तो प्रोबेशन के नाम पर वेतन कटौती का कोई औचित्य नहीं है.

कोर्ट ने सरकार को कर्मचारियों के प्रोबेशन के नाम पर काटी गई सैलरी को एरियर सहित भुगतान करने के लिए भी कहा है. उधर कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार विचार कर रही है कि फैसले को चुनौती देना है या फिर 2018 की व्यवस्था लागू करते हुए एरियर की राशि देना है.

कमलनाथ सरकार में बदला था नियम

मध्य प्रदेश में सरकारी पदों पर भर्ती होने वाले तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए 3 साल के प्रोबेशन पीरियड और तीन साल बाद पूरी सैलरी मिलने की व्यवस्था 2019 में कमलनाथ सरकार ने लागू किया था. कमलनाथ सरकार ने 12 दिसंबर 2019 को आदेश जारी किया और प्रोबेशन पीडियड को 4 साल भर कर दिया. इसमें प्रावधान जोड़ दिया गया कि कर्मचारियों को पहले साल मूल वेतन का 70 फीसदी, दूसरे साल 80 फीसदी, तीसरे साल 90 फीसदी और फिर चौथे साल 100 फीसदी वेतन मिलेगी.

2018 तक यह थी व्यवस्था

कमलनाथ सरकार द्वारा लागू किए गए नियम के पहले तक कर्मचारियों के प्रोबेशन पीडियड की अवधि सिर्फ 2 साल रखी गई थी. इसमें कर्मचारियों को पहले साल से ही पूरी सैलरी मिलती थी. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों के 4 साल के प्रोबेशन पीडियड को खत्म करते हुए पुरानी व्यवस्था लागू करने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में इस वादे पर अमल नहीं हुआ. उधर कमलनाथ सरकार के आदेश के खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस दीपक खोट की कोर्ट ने सामान्य प्रशासन द्वारा 12 दिसंबर 2019 के आदेश को असंवैधानिक माना.

कर्मचारी संगठनों ने कहा सरकार करे अमल

उधर हाईकोर्ट के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के कर्मचारी संगठनों ने राज्य सरकार से कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए कर्मचारियों को राहत देने की मांग की है. कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा कि “कोर्ट ने सरकार को तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 4 साल के प्रोबेशन पीरियड की व्यवस्था को खत्म करने का आदेश दिया है. सरकार को इस आदेश पर तत्काल अमल करना चाहिए. इसके अलावा राज्य सरकार को कर्मचारियों को एरियर का भी भुगतान करना चाहिए.

एरियर मिला तो कितनी रकम आएगी

कर्मचारी संगठनों के मुताबिक यदि सरकार कोर्ट के आदेश पर अमल करती है, तो प्रदेश के 94 हजार कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा. इसके अलावा उनके खातों में एरियर के रूप में बड़ी राशि आएगी. कर्मचारियों के मुताबिक यदि 2019 में भर्ती हुए कर्मचारियों के हिसाब से देखें तो कर्मचारियों को पौने 2 लाख से लेकर साढ़े 3 लाख रुपए तक का एरियर मिलेगा.

  1. प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों का वेतन 2400 रुपए है. पिछले 6 साल की सेवा के हिसाब से इन्हें साढ़े 3 लाख रुपए की राशि मिलेगी.
  2. सहायक ग्रेड 3 का पे ग्रेड 1900 रुपए है. ऐसे कर्मचारियों को करीबन 2 लाख 80 हजार रुपए की राशि मिलेगी.
  3. तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का ग्रेड पे 1800 रुपए है. ऐसे कर्मचारियों को एरियर के रूप में 2 लाख रुपए की राशि मिलेगी.
  4. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पे ग्रेड 1550 रुपए है. ऐसे कर्मचारियों को एरियर की राशि के रूप में पौने दो लाख रुपए तक की राशि मिल सकती है.

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