Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आसाराम के बेटे नारायण साईं को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं: गुजरात हाईकोर्ट वापस भेजा मामला, 3 महीने म... "राजनीति में आकर भी अंडों से डर लगता है?" TMC सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खा... छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का कड़ा एक्शन, शिकायतों पर CMHO, तहसीलदार और पटवारी तत्काल सस्पेंड NEET 2026 धांधली: परीक्षा से 3 दिन पहले लीक हुए थे पेपर! CBI चार्जशीट में NTA विषय विशेषज्ञों और सीक... E20 इथेनॉल पेट्रोल पर सियासत तेज: राहुल गांधी बोले— 'जनता की जेब से चुरा रहे पैसे', पेट्रोलियम मंत्र... महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा उलटफेर: अजित पवार की NCP की रणनीति संभालेंगे प्रशांत किशोर? सुनेत्रा पवा... अतीक अहमद के बेटों उमर और अली को मिली हाईकोर्ट से पैरोल, छोटे भाई आबान के जनाजे में होंगे शामिल गाजियाबाद 4 साल की मासूम से रेप-हत्या मामला, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद दो प्राइवेट अस्पताल ₹12 ल... मुंबई के मुलुंड में पूरी सड़क ही हो गई 'गायब'! BJP विधायक मिहिर कोटेचा ने दर्ज कराई शिकायत, BMC से म... अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत: झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जाते वक्त...

इस यूनिवर्सिटी पर हरियाणा सरकार कसेगी शिकंजा, सरकार ने गठित की दो सदस्यीय कमेटी

24

चंडीगढ़: आतंकी गतिविधियों के आरोपों से सुर्खियों में आई अल फलाह यूनिवर्सिटी पर अब हरियाणा सरकार भी शिकंजा कसेगी। कई विवाद और शिकायत सामने आने के बाद हरियाणा सरकार ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच शुरू कर दी है। जांच के लिए आईएएस श्यामल मिश्रा के नेतृत्व में एक कमेटी गठितन की है। कमेटी में उच्च शिक्षा विभाग के एक अधिकारी को भी शामिल किया गया है। कमेटी को कॉलेज से जुड़ी शिकायतें व अन्य कागजात सौंप दिए गए हैं। कमेटी सभी बिंदुओं की गहनता से जांच कर रही है। कमेटी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंपेगी। उसके बाद ही राज्य सरकार यूनिवर्सिटी पर कोई फैसला ले सकेगी।

बीते साल दस नवंबर को दिल्ली बम धमाके में जिन आरोपियों का नाम सामने आया था उनमें से तीन प्रमुख डॉक्टर फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी मेंबर थे। इनमें डाॅ. शाहीन, डाॅ. उमर और डाॅ. मुजम्मिल शामिल थे। बम धमाकों में 15 से ज्यादा लोगों की जानें गई थी।

विवादों में आने के बाद केंद्र की कई एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी थी। वहीं, इस मामले में कुछ विद्यार्थियों के अभिभावकों ने हरियाणा सरकार को भी शिकायत भेजी थी। इन शिकायतों में संदिग्ध गतिविधियां, फेकल्टी की कमी, विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट के बादल जैसी शिकायतें आई थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने कमेटी गठित की है। उधर, राज्य सरकार के पास यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई करने का रास्ता भी साफ हो गया है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 पारित किया था। सरकार ने संशोधित नियमों को भी अधिसूचित कर दिया है।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी करीब 70 एकड़ में फैली हुई है। इस यूनिवर्सिटी को ट्रस्ट की ओर से संचालित की जाती है। 2014 में हरियाणा सरकार ने इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया था। 2019 में इस यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू हुई थी। यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा भी प्राप्त है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.