Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति ने साहित्यकार को कार्यक्रम से बाहर निकाला

19

बिलासपुर: गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय GGU में आयोजित एक राष्ट्रीय साहित्य परिसंवाद के दौरान कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल के व्यवहार को लेकर विवाद की स्थिति बन गई. जिसके बाद साहित्यकारों ने विरोध जताया है. इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है.

दरअसल हिंदी विभाग द्वारा साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से GGU मे कार्यक्रम “समकालीन हिंदी कहानी: बदलते जीवन संदर्भ” विषय पर आयोजित किया गया था. इसमें महाराष्ट्र, ओडिशा, भोपाल सहित देश के कई राज्यों से साहित्यकार और शिक्षाविद शामिल हुए थे. कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल मुख्य विषय से हटकर अपने जीवन के अनुभव और व्यक्तिगत उपलब्धियों के बारे में बोलने लगे.

इसी बीच महाराष्ट्र से आए साहित्यकार मनोज रूपण ने शालीनता से चर्चा को पुनः विषय पर लाने का अनुरोध किया. इस पर कुलपति नाराज हो गए और मंच से ही अतिथि से उनका नाम पूछते हुए उन्हें कार्यक्रम छोड़ने के लिए कह दिया. उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि “वाइस चांसलर से बात करने का तरीका सीखिए” और आयोजकों से भविष्य में ऐसे अतिथियों को आमंत्रित न करने की बात कही.

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब एक अन्य अतिथि ने बीच-बचाव करते हुए संयम रखने का आग्रह किया. इस पर कुलपति ने उन्हें भी कार्यक्रम से बाहर जाने को कह दिया. इस घटनाक्रम से कई अतिथि, प्रोफेसर और साहित्यकार असहज हो गए और कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए. कुछ लोगों ने इस व्यवहार के विरोध में परिसंवाद का बहिष्कार भी किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.