इंदौर : मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस नेताओं को साथ लेकर इंदौर की बस्तियों में पहुंचकर वाटर ऑडिट करना शुरू कर दिया है. उमंग सिंघार खुद शहर के वार्डों में पहुंचकर पानी की जांच कर रहे हैं. उमंग सिंघार ने बुधवार को मदीना नगर पहुंचकर पानी की जांच कराई. उनका दावा है कि यहां भी पानी दूषित पाया गया है.
उमंग सिंघार का आरोप- कई क्षेत्रों में दूषित पेयजल सप्लाई
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आजाद नगर क्षेत्र के मदीना नगर के अलावा खजराना क्षेत्र की कॉलोनियों में पानी की जांच की. इस दौरान पानी के सैंपल लिए. उमंग सिंघार का कहना है “यहां भी दूषित पेयजल सप्लाई किया जा रहा है. सरकार के निकम्मेपन के चलते मैंने इंदौर में खुद वाटर ऑडिट शुरू किया है. दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं.”
मरने वालों का आंकड़ा छिपाने का आरोप
उमंग सिंघार का कहना है “इस त्रासदी में अब तक 17 से अधिक नागरिकों की मौत, सैकड़ों लोगों की गंभीर बीमार और हजारों नागरिकों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई है. राज्य सरकार ने मृतकों की जानकारी भी छिपाई है. पानी पर नियंत्रण के लिए जो पाइप लाइन सालों पहले डालनी थी, उसका टेंडर ढाई साल तक दबा रहा. नगर निगम का बजट 8000 करोड़ से ज्यादा है, फिर भी नागरिकों को नल से साफ पानी नहीं मिल पा रहा.”
उमंग सिंघार ने वाटर ऑडिट करना बताया जरूरी
उमंग सिंघार ने कहा “इंदौर के किसी भी इलाके में भागीरथपुरा जैसी स्थिति हो सकती है. इसलिए इंदौर का वाटर ऑडिट जरूरी है, जिसे उन्हें खुद करना पड़ रहा है. इंदौर जल प्रदूषण कांड भाजपा सरकार की लापरवाही, देरी और संवेदनहीनता परिणाम है. जब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई, समयबद्ध सुधार और पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती, यह संकट समाप्त नहीं माना जा सकता. विपक्ष पीड़ित नागरिकों के अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेगा.”
कांग्रेस ने जारी की रिपोर्ट- पेयजल में मलमूत्र मिलने का दावा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने रिपोर्ट जारी कर बताया “भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में सप्लाई हो रहे पानी मे मानव अवशिष्ट (मल मूत्र) में पाए जाने वाले बैक्टीरिया हैं. यदि शहर में गंदे पानी की रोकथाम नहीं की गई तो फिर किसी इलाके में लोगों की जानें जा सकती हैं.”
भागीरथपुरा और चाचा नेहरू अस्पताल का दौरा करने के बाद उमंग सिंघार ने कहा “उन्हें एमजीएम कॉलेज से 30 लोगों की बीमारी जो रिपोर्ट मिली है, उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि मरीजों के सैंपल में शिगेला और ई कोलाई जैसे घातक वायरस हैं, जो मानव मल मूत्र में पाए जाते हैं. इसके अलावा वाइब्रियो कोलेरा वायरस की पुष्टि हुई है, जो हैजा का कारण बनता है.”
वहीं, इस प्रकार की चर्चा भी है कि इंदौर में दूषित पानी से अब तक 18 लोगों की मौत हुई है. लेकिन इसकी कोई पुष्टि प्रशासन ने नहीं की है. प्रशासन की ओर से 6 मौतों की पुष्टि हुई है.
भागीरथपुरा में नर्मदा का पानी सप्लाई, एनाउंसमेंट कराया
भागीरथपुरा में जलकांड के चलते नर्मदा से पानी सप्लाय बंद किया गया था, लेकिन सुधार कार्य के बाद टेस्टिंग के लिए नर्मदा का पानी दोपहर में छोड़ा गया. इससे पूर्व प्रशासन ने अनाउंसमेंट करवाते हुए घर-घर जाकर समझाइश भी दी कि इस दौरान नल बंद रखें और इस पानी का उपयोग बिल्कुल भी ना करें. भागीरथपुरा में पानी सप्लाई के पहले कलेक्टर श्री शिवम वर्मा एवं निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने निरीक्षण किया.
इस दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया “जोन 04 वार्ड-11 में भागीरथ पुरा के समस्त क्षेत्र में सभी घरों में रहवासियों को जानकारी दी जा रही है कि पानी सप्लाई दौरान नर्मदा लाइन की टोटी को बंद रखें.”
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.