Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Dehradun Political Update: चुनावी साल में समानांतर यात्राओं पर लगी रोक, कांग्रेस नेताओं की बैठक के ब... Vrindavan Update: प्रेमानंद महाराज के श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचने से भक्तों में खुशी, वायर... Gaya Police Action: एसएसबी और पुलिस की बड़ी कार्रवाई, धनगांई थाना क्षेत्र के जंगल से भारी मात्रा में... UP Crime: शादी का झांसा देकर युवती की हत्या और शव छिपाने का मामला, आरोपी लेखपाल जेल भेजा गया Delhi Police News: कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल के साथ मारपीट और बदसलूकी, आरएमएल अस्पताल में... Seemapuri E-Block Accident: चार मंजिला मकान गिरने से मची अफरा-तफरी, 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, ... INDIA Bloc Protests: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का हंगामा जारी, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर बड़े प... Weather Update Today: मानसून की वापसी से पहले कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर के ... Nana Patekar News: प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट से हुआ देहांत, गोवा में ली अंतिम ... Police Action Chhindwara: सीसीटीवी फुटेज की मदद से तीन शातिर लुटेरे गिरफ्तार, 43 हजार रुपये बरामद

पकड़ी गई आतंकियों की ‘Ghost Sim’ चाल: दिल्ली धमाकों के पीछे सीमा पार के हैंडलर, ऐसे रची गई थी साजिश

29

दिल्ली में लाल किले के पास कार ब्लास्ट करने वाले आतंकियों के बारे में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है. घटना की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों के हाथ ऐसा कुछ लगा, जिसे पढ़कर आप भी चौंक जाएंगे. दरअसल घटना के समय आतंकी घोस्ट सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड मोबाइल ऐप्स के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के संपर्क में थे. घटना के समय आतंकियों की लगातार उनसे बात हो रही थी.

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में पता चला है कि आतंकी मुजम्मिल, आदिल और अन्य ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए ‘ड्यूल फोन’ रणनीति अपनाई थी. इसी के जरिए आरोपी अपने पाकिस्तानी हैंडलरों से लगातार बातचीत कर रहे थे. जांच एजेंसियां अब ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आतंकी आखिर पाकिस्तान में किस हैंडलर से बात कर रहे थे. उनके बीच क्या-क्या बात हुई है. जांच में ये भी पता चला है कि आरोपी काफी ज्यादा पढ़े-लिखे थे और उन्होंने जांच एजेंसियों से बचने के लिए ड्यूल मोबाइल रणनीति अपनाई थी. आरोपी एक फोन को अपने निजी और पेशेवर कामों के लिए इस्तेमाल कर रहे थे जबकि दूसरे फोन को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था.

हर आतंकी के पास थे 2 से 3 मोबाइल फोन

गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल, आदिल और अन्य आरोपियों ने ड्यूल फोन रणनीति अपनाई थी. हर आरोपी के पास दो से तीन मोबाइल फोन होते थे. एक ‘क्लीन फोन’ जो, अपने नाम पर रजिस्टर्ड, निजी और पेशेवर काम के लिए. दूसरा ‘टेरर फोन’ जो सिर्फ व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से संपर्क के लिए था. लाल किले के पास विस्फोटक से भरी गाड़ी चलाते समय मारे गए डॉ. उमर नबी भी इसी मॉड्यूल का हिस्सा था. जांच में पता चला है कि आतंकी घटना को अंजाम देने से पहले उमर अपने पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था.

घोस्ट सिम के जरिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम का इस्तेमाल

जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों के दूसरे मोबाइल फोन में लगी सिम आरोपियों के नाम पर नहीं थीं. बताया जाता है कि इन सभी सिम को फर्जी आधार कार्ड के जरिए हासिल किया गया था. अब तक की जांच में दर्जनों सिम कार्डों का पता लगाया गया है. यही वजह है कि इन सिम कार्डों को जांच एजेंसियां ‘घोस्ट सिम’ कह रही हैं. आरोपी व्हाट्सएप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद अपने हैंडलरों से निर्देश लेते थे. ऐप्स की ऐसी तकनीकी सुविधाओं का फायदा उठाया गया, जिनके जरिए बिना फिजिकल सिम के भी मैसेजिंग संभव थी.

पाकिस्तान हैंडलरों ने रची साजिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी हैंडलरों ने आरोपियों को इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए IED बनाने और हमले की साजिश रचने के निर्देश दिए थे. पाक हैंडलरों से निर्देश मिलने के बाद ही रेड फोर्ट के पास कार में ब्लास्ट किया गया. इस मामले की जांच फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.