Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों के सर्वे से शिक्षकों का इन्कार, फैसले का सभी ने किया बहिष्कार… जानिए वजह

31

चंडीगढ़: प्रदेशभर में एक जनवरी से ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किए गए विशेष सर्वे अभियान का शिक्षकों ने पहले ही दिन बहिष्कार कर दिया। शिक्षक संघ का कहना है कि छुट्टियों के दौरान इस तरह का कार्य न केवल अव्यावहारिक है बल्कि इससे सर्वे की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। वहीं सर्वे की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी सुधीर के मुताबिक शेड्यूल तय करना विभागीय काम है इसे ना मानने वाले शिक्षकों को जवाब देना होगा।

शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि 1 से 15 जनवरी तक प्रदेश के 9 हजार प्राथमिक विद्यालयों के तकरीबन 30 हजार शिक्षकों की टीम बनाकर ऐसे बच्चों की पहचान करें जो किसी कारणवश स्कूल छोड़ चुके हैं या नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को शिक्षा का महत्व समझाकर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को दी गई है।

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव राजेश शर्मा के मुताबिक इस दौरान प्रदेश में शीतकालीन अवकाश रहता है जो कड़ाके की ठंड, कोहरे और प्रतिकूल मौसम के कारण घोषित किया जाता है। इस दौरान अधिकांश बच्चे अपने माता-पिता के साथ गांव, ननिहाल या रिश्तेदारी में चले जाते हैं जिससे सही और वास्तविक आंकड़े जुटाना संभव नहीं हो पाता। उनका कहना है कि अन्य विभागों में हर शनिवार अवकाश होता है यानी साल में 52 छुट्टियां मिलती हैं जबकि विद्यालयों में केवल दूसरे शनिवार को अवकाश होता है। शिक्षकों को वर्ष में लगभग 30 दिन ग्रीष्मकालीन और 15 दिन शीतकालीन अवकाश मिलता है यानी कुल 45 दिन। इसके अलावा लगभग 10 दूसरे शनिवार जोड़ने पर कुल अवकाश लगभग 55 दिन ही बनते हैं। सरकार द्वारा घोषित त्योहारों की छुट्टियां सभी कर्मचारियों को मिलती हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.