उज्जैन: नए साल का जश्न बहुत धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर कोई टूरिस्ट प्लेस तो कोई धार्मिक स्थल पहुंचा. वहीं नए साल के खास मौक पर धार्मिक स्थलों की भी साज-सज्जा भी शानदार की गई. उज्जैन में बाबा महाकाल मंदिर के गर्भ गृह को तो 500 किलो फूलों से सजाया ही गया था, इसके अलावा भगवान शिव के पुत्र यानि भगवान गणेश के मंदिर को भक्तों ने नोटों से सजाया. बप्पा के मंदिर को 31 लाख नोटों से सजाया गया. साथ ही उन्हें सोने के आभूषण अर्पित किए गए.
उज्जैन पूर्णानंद गणपति मंदिर का विशेष श्रृंगार
नए साल पर बड़ी संख्या में भक्त धर्म नगरी उज्जैन पहुंच रहे हैं. जहां वे भगवान महाकाल के साथ दूसरे मंदिरों और स्थानों पर जा रहे हैं. उज्जैन में भगवान गणपति के मंदिर को बड़े ही अद्भुत तरीके से सजाया गया है. इंदौर गेट स्थित पूणानिंदा गणेश मंदिर को शहर के समाजसेवी और पुजारी परिवार ने भक्तों के माध्यम से 31 लाख के नोटों व 15 लाख के आभूषणों से सुसज्जित किया है. भगवान गजानंद गणपति महाराज का विशेष श्रृंगार भी इस दौरान किया गया.
जिसे देखने और भगवन के दर्शन करने बड़ी संख्या में दर्शनार्थियों की भीड़ मंदिर में 1 जनवरी से जुटी रही. मंदिर के मुख्य द्वार को फूलों की लड़ियों और पतंगों से सजाया गया.
31 लाख के नोट 15 लाख के आभूषणों से साज सज्जा
शहर के समाज सेवक व गोल्डन मैन के नाम से फेमस रोशन यादव ने बताया कि “धर्मनगरी में नव वर्ष को लेकर सनातनियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. लोग वेस्टर्न परंपरा को छोड़ सनातनी संस्कृति की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं. होटल पब में पार्टी की जगह घरों में पूजन-पाठ और मंदिरों में दर्शन करने पहुंच रहे हैं. इसे देखते हुए शहर के इंदौर गेट स्तिथ पूर्णानंद गणपति मंदिर में 1 जनवरी 2026 को खास आयोजन किया गया.
मंदिर में भगवन गणपति का विशेष श्रृंगार, पूजन आरती की गई. बप्पा के मंदिर को 31 लाख के नोट और 15 लाख तक के आभूषणों से सजाया गया. जबकि पिछले साल 21 लाख के नोटों से सजाया गया था.
साज-सज्जा में लगे 4 दिन
रोशन यादव ने बताया कि “1 जनवरी को हजारों लोगों के लिए भोजन प्रसादी भण्डारे का आयोजन किया गया था. 11 क्विंटल बूंदी के लड्डू का प्रसाद व महाआरती का आयोजन किया गया. नोटों से मंदिर को सजाने में 4 दिन का समय लगा. वहीं इस सजावट को हटाने में 2-3 दिन का वक्त लगेगा. जिसमें 10 लोगों मिलकर इन नोटों को मशीन से गिनकर गिड्डी बनाकर रखेंगे. सभी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी लगाए गए हैं, जो मंदिर प्रबंध समिति की निगरानी में है.
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