दिनदहाड़े मर्डर से दहला महाराष्ट्र: ब्लास्ट के आरोपी असलम को बदमाशों ने घेरा, सीने में उतारीं 3 गोलियां।
पुणे बम ब्लास्ट के आरोपी असलम शब्बीर जहागीरदार उर्फ बंटी जहागीरदार की दो बाइक सवार अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक 2012 के पुणे जेएम रोड सीरियल बम धमाकों के मामले में आरोपियों में से एक था. बुधवार दोपहर को बंटी एक रिश्तेदार को श्रद्धांजलि देकर कब्रिस्तान से घर लौट रहा था, तभी दो बाइक सवार लोगों ने उसे गोली मार दी.
मृतक अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर का रहने वाला था. जर्मन हॉस्पिटल के सामने मुख्य गेट के पास दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने उस पर गोलियां चलाई. जहागीरदार एक रिश्तेदार की मोपेड पर था, जब उसे तीन गोलियां मारी गईं. श्रीरामपुर शहर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर नितिन देशमुख ने बताया कि उसे सीने और पेट में गोली लगी थी. उसे इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना, आरोपियों ने किया सरेंडर
घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई और हत्या के दोनों आरोपियों ने रात में शिर्डी पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. प्रेस में जाने तक उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने की प्रक्रिया जारी थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक रेंज के आईजी दत्तात्रेय कराले श्रीरामपुर पहुंचे. जहागीरदार के शव को पोस्टमार्टम के लिए संभाजीनगर के जीएमसीएच ले जाया गया. श्रीरामपुर के डिप्टी एसपी जयदत्ता भावर ने कहा कि एक बार जब हमें आरोपियों की कस्टडी मिल जाएगी, तो हम पूछताछ करेंगे.
जमानत पर था मृतक जहागीरदार
1 अगस्त 2012 को 5 सिलसिलेवार पुणे के जेएम रोड पर हुआ था, जिससे पूरा शहर हिल गया था, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था. जहागीरदार को जनवरी 2013 में एटीएस ने धमाकों के संदिग्धों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. वह 2023 से जमानत पर बाहर था. 1997 से उसके खिलाफ 17 एफआईआर दर्ज थी.
जहागीरदार का परिवार स्थानीय स्तर पर राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा है. उसकी मां श्रीरामपुर नगर परिषद की पूर्व सदस्य थीं. उनकी मृत्यु के बाद, उसकी भाभी, तरन्नुम शेख जहागीरदार ने नगर पालिका उपचुनाव जीता था. हाल ही में हुए श्रीरामपुर नगर परिषद चुनाव में, उसके चचेरे भाई रईस शेख जहागीरदार, वार्ड नंबर 8 से चुने गए.
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