इंदौर। स्कूली शिक्षा विभाग के इंदौर ब्लाक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। यहां पदस्थ कर्मचारियों ने सरकारी योजनाओं के तहत आने वाली राशि को अपने परिचितों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया और बाद में उसे निकाल लिया।
इंदौर बीईओ कार्यालय में 1.57 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया। यह गड़बड़ी वर्ष 2018 से 2025 के बीच की बताई जा रही है। इंदौर विकासखंड कार्यालय से अनुदान, छात्रवृत्त और जीपीएफ मद में प्राप्त होने वाली राशि का दुरुपयोग किया गया।
कैसे खुला मामला
इस मामले का राजफाश भोपाल स्थित आइटी सेल ने किया, जहां खातों में संदिग्ध लेन-देन पकड़ा गया। इसके बाद जांच के लिए मामला कलेक्टर कार्यालय को भेजा गया। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार कहना है कि जिस अवधि में यह गबन हुआ, उस दौरान कुछ समय के लिए वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) शांता स्वामी इंदौर विकासखंड अधिकारी के पद पर भी पदस्थ रही थीं। इसके बावजूद इस वित्तीय अनियमितता को समय रहते नहीं पकड़ा जा सका।
अधिकारियों का क्या कहना है
जिला पंचायत सीईओ जैन का कहना है कि जानकारी एकत्र की जा रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कलेक्ट्रेट कार्यालय में इसी तरह के गबन का मामला सामने आ चुका है। यहां ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी ने अपने रिश्तेदारों के खाते में राशि डाली थी।
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