Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

RSS के 100 साल पूरे, संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी; क्या-क्या बदलेगा?

161

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष से पूर्व संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में है. संघ सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटेगी, प्रांत व्यवस्था समाप्त होकर ‘राज्य प्रचारक’ का नया पद बनाया जा सकता है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों के क्षेत्रीय ढांचे में भी परिवर्तन होगा. कमिश्नरी स्तर पर ‘संभागीय प्रचारक’ का नया पद बनाया जाएगा.

संघ सूत्रों की मानें तो 100 वर्ष पूरे होने पर संघ के संगठनात्मक व्यवस्था और आंतरिक ढांचा बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस तैयारी और नई व्यवस्था के तहत संघ के क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटाई जा सकती है. अब तक पूरा देश क्षेत्र 11 में बंटा था जो अब 9 क्षेत्र तक सीमित रह जाएगा.

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर 2 से 1 क्षेत्र किया जाएगा. अब तक दोनों में दो अलग अलग क्षेत्र प्रचारक होते थे. राजस्थान को अलग क्षेत्र नहीं रखा जाएगा बल्कि नए व्यवस्था में राजस्थान को उत्तरी क्षेत्र में मिलाया जाएगा.

कई बदलाव की हो चुकी तैयारी

मौजूदा व्यवस्था में उत्तर क्षेत्र में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर राज्य आते हैं. अब आगे इसमें राजस्थान को भी जोड़ने की तैयारी है. प्रांत प्रचारक के जगह राज्य प्रचारक बनाए जाएंगे. संघ में प्रांत व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है. संघ ढांचा में अब तक महत्वपूर्ण माने जा रहे प्रांत प्रचारक व्यवस्था अब आगे नहीं रहेगा.

हर राज्य में होगा एक राज्य प्रचारक

अब देश के हरेक राज्य के एक एक प्रचारक होंगे जिन्हें राज्य प्रचारक कहा जाएगा. मसलन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सात प्रांत प्रचारक के जगह अब एक राज्य प्रचारक होंगे. संभागीय प्रचारक: कमिश्नरी लेवल पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू होगी. राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी.

सुझावों के आधार पर तय किए गए बदलाव

संभागीय प्रचारक के नीचे के व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगा. संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक व्यवस्था पूर्ववत चलता रहेगा. 100 साल पूरे होने पर संघ ने आंतरिक व्यवस्था और संगठन पदानुक्रम के पुनर्गठन पर सुझाव देने के लिए एक टीम बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंप दिया है. संघ की जिस टोली को दिए गए थे उन्होंने अपने तरफ ये सुझाव दिए हैं. सांगठनिक बदलावों को लेकर मिले सुझाव पर लगभग सहमति बन गई है. ये व्यवस्था आने वाले समय में शताब्दी वर्ष समारोह खत्म होने के बाद देखने को मिल सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.