Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CRPF 205 Cobra Battalion Jawan: बस्तर में नक्सल ऑपरेशन में दे चुके थे सेवाएं, इलाज के दौरान हुआ निधन... Pundag OP Incharge Bravery: पुंदाग थाना प्रभारी संजीव की सूझबूझ से बची युवक की जान, टावर पर चढ़ने से... Jharkhand Road Accident News: एफसीआई गोदाम के पास भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की मांग, रातभर मचा रह... Jharkhand Education News: हिंदी साहित्य सम्मेलन मध्यमा प्रमाणपत्र विवाद पर हाईकोर्ट का निर्णय, 8 हफ्... Palamu Road Jam News: झारखंड आंदोलनकारियों ने सड़क पर लेटकर किया प्रदर्शन, पुलिस बल मौके पर मौजूद, ज... Hemant Soren PMLA Court Update: झारखंड भूमि घोटाला मामला, हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें, आज दोपह... Bihar ICDS Controversy: वाउचर भुगतान और THR के नाम पर अवैध वसूली, सेविका ने पतियों के जरिए बनवाया वी... Vineet Manocha Murder Case: जेल में बंद बेटे सुब्रत को सजा हुई तो किसे मिलेगी प्रापर्टी? बहू शालू और... Latur Crime News: ठाकरे चौक पर छात्रों पर कोयते और दरांती से हमला, ऑटो चालक समेत चार गिरफ्तार, एक ना... Police Car Controversy Baghpat: सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए पौधे को ले जाते दिखे साहब, निगरानी व्यवस्...

RSS के 100 साल पूरे, संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी; क्या-क्या बदलेगा?

163

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष से पूर्व संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी में है. संघ सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटेगी, प्रांत व्यवस्था समाप्त होकर ‘राज्य प्रचारक’ का नया पद बनाया जा सकता है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान जैसे राज्यों के क्षेत्रीय ढांचे में भी परिवर्तन होगा. कमिश्नरी स्तर पर ‘संभागीय प्रचारक’ का नया पद बनाया जाएगा.

संघ सूत्रों की मानें तो 100 वर्ष पूरे होने पर संघ के संगठनात्मक व्यवस्था और आंतरिक ढांचा बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है. इस तैयारी और नई व्यवस्था के तहत संघ के क्षेत्र प्रचारकों की संख्या घटाई जा सकती है. अब तक पूरा देश क्षेत्र 11 में बंटा था जो अब 9 क्षेत्र तक सीमित रह जाएगा.

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर 2 से 1 क्षेत्र किया जाएगा. अब तक दोनों में दो अलग अलग क्षेत्र प्रचारक होते थे. राजस्थान को अलग क्षेत्र नहीं रखा जाएगा बल्कि नए व्यवस्था में राजस्थान को उत्तरी क्षेत्र में मिलाया जाएगा.

कई बदलाव की हो चुकी तैयारी

मौजूदा व्यवस्था में उत्तर क्षेत्र में हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर राज्य आते हैं. अब आगे इसमें राजस्थान को भी जोड़ने की तैयारी है. प्रांत प्रचारक के जगह राज्य प्रचारक बनाए जाएंगे. संघ में प्रांत व्यवस्था को खत्म किया जा सकता है. संघ ढांचा में अब तक महत्वपूर्ण माने जा रहे प्रांत प्रचारक व्यवस्था अब आगे नहीं रहेगा.

हर राज्य में होगा एक राज्य प्रचारक

अब देश के हरेक राज्य के एक एक प्रचारक होंगे जिन्हें राज्य प्रचारक कहा जाएगा. मसलन उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सात प्रांत प्रचारक के जगह अब एक राज्य प्रचारक होंगे. संभागीय प्रचारक: कमिश्नरी लेवल पर संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था शुरू होगी. राष्ट्रीय स्तर पर पूरे देश में 75 से ज्यादा संभागीय प्रचारक की नई व्यवस्था होगी.

सुझावों के आधार पर तय किए गए बदलाव

संभागीय प्रचारक के नीचे के व्यवस्था पहले के तरह ही जारी रहेगा. संभाग प्रचारक के नीचे विभाग प्रचारक और जिला प्रचारक व्यवस्था पूर्ववत चलता रहेगा. 100 साल पूरे होने पर संघ ने आंतरिक व्यवस्था और संगठन पदानुक्रम के पुनर्गठन पर सुझाव देने के लिए एक टीम बनाई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंप दिया है. संघ की जिस टोली को दिए गए थे उन्होंने अपने तरफ ये सुझाव दिए हैं. सांगठनिक बदलावों को लेकर मिले सुझाव पर लगभग सहमति बन गई है. ये व्यवस्था आने वाले समय में शताब्दी वर्ष समारोह खत्म होने के बाद देखने को मिल सकता है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.