अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं, उसे कितनी बेरहमी से बर्बाद किया जा रहा है। बता दें कि तोशाम विधानसभा सीट का 4 किमी में फैला छोटा सा गांव है जो एक तरफ से दक्षिण-पश्चिम अरावली पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहां धूल ही धूल दिखाई देगी, क्योंकि इस छोटे से गांव में हर 100 कदम पर 300 क्रशर मशीनें पहाड़ियों को खोद रही हैं। यहां 150 खनन साइट हैं, जहां हर वक्त 500 से ज्यादा डंपर मौजूद रहते हैं।
रोजाना हरियाणा के भिवानी में ही अरावली की पहाड़ी तोड़ 50 हजार टन पत्थर निकाले जा रहे हैं- सुरजेवाला
इसको लेकर रणदीप सुरजेवाला ने अपने एक्स हैंडल पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा है कि जो ‘अरावली पर्वत श्रृंखला’ हमारे लिए पर्यावरण और प्राणवायु का पर्याय है। उसे ‘संरक्षित’ रखने की बजाय, भाजपा खनन माफियाओं को संरक्षण देकर “अवैध कमाई का पहाड़” खड़ा करने में लगी है। नतीजा- लगातार ‘खनन के खंजर’ से जीवनदायिनी अरावली लहूलुहान हो रही है, कहीं विस्फोटक तो कहीं बड़ी-बड़ी मशीनें, अरावली की हरियाली का सीना छलनी कर रही हैं !
उन्होंने यह भी कहा कि अकेले हरियाणा के भिवानी में ही रोजाना अरावली की पहाड़ी तोड़कर 50,000 टन पत्थर निकाले जा रहे हैं, 55 मीटर की ऊंचाई ही खत्म हो गई है। एक-एक गांव में 300 क्रशर मशीनें, 500 डंपर और 150 खनन साईटें, दिन रात पहाड़ के पहाड़ निपटाने में लगी हुई हैं। यहां घरों की दीवारें दरारों से भरी हुई हैं और लोगों के दिल दिमाग में दहशत है।
वहीं सुरजेवाला ने कहा कि महेंद्रगढ़, चरखी दादरी सहित दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में अवैध खनन का ये काला धंधा, भाजपाई सांठगांठ से माफियाओं की अकूत कमाई का जरिया बन गया है। लौह अयस्क, काला और लाल पत्थर सहित निर्माण कार्य, कल पुर्जे और सीमेंट इकाइयों के लिए ‘सस्ता साधन’ बनी अरावली के सैकड़ो हेक्टेयर में अवैध खनन का मकड़जाल फैल चुका है। अरावली को बर्बाद करके जिंदगी को तबाह करता अवैध खनन का ये गोरखधंधा जल-जंगल-जमीन के साथ-साथ लोगों की ज़िंदगी के लिए भी खतरा बन गया है, मगर भाजपा काली कमाई के धंधे में अंधी होकर अंधाधुंध खनन को हरी झंडी दे रही है।
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