कोरिया: केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं का लाभ जन जनतक पहुंचे, इसके लिए राज्य और केंद्र दोनों लगातार काम करते रहते हैं. इसकी कड़ी में सुशासन सप्ताह के अंतर्गत कोरिया जिले के सभी विकासखंडों और तहसील मुख्यालयों में विशेष जनसेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है. इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य शासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को समाप्त करते हुए सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाना है.
सुशासन सप्ताह का 25 तक आयोजन
सुशासन शिविर के जरिए लोगों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई. जिसमें धरती आबा अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बाल विवाह प्रतिषेध, महिला सशक्तिकरण, टोनही प्रताड़ना उन्मूलन एवं कृषि आधारित योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया. शिविर के माध्यम से ग्रामीण आमजन की समस्याओं को मौके पर ही सुनकर उसका समाधान भी निकाला गया. जिससे लोगों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ.
सुशासन सप्ताह प्रशासन गांव की ओर अभियान ने यह सिद्ध कर दिया कि जब प्रशासन सीधे जनता के द्वार तक पहुंचता है, तो शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और प्रभावी बनती है. कोरिया जिले में आयोजित ये शिविर सुशासन की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुए हैं: चंदन त्रिपाठी, कलेक्टर कोरिया
शिविरों के जरिए विभिन्न शासकीय विभागों के अफसरों ने अपने अपने विभाग की जानकारी ग्रामीणों को दी. इसके साथ ही योजनाओं से मिलने वाले फायदे भी गिनाए. इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आयुष विभाग द्वारा निःशुल्क आयुष काढ़ा एवं दवाइयों का वितरण भी किया गया. समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंद दिव्यांगजनों को 3 ट्राइसाइकिल, 1 व्हीलचेयर और 15 छड़ियां भी दी गई.
धरती आबा अभियान की दी गई जानकारी
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ‘धरती आबा अभियान’ के तहत चयनित ग्रामों के बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे उन्हें शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ सहज रूप से मिल सके. वहीं पशु कल्याण विभाग ने पशुपालकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए पशु औषधियों का वितरण किया गया.
गोदभराई रस्म निभाई गई
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं का गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया. साथ ही बाल विवाह उन्मूलन और सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से स्कूली बच्चों द्वारा प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने ग्रामीणों को सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक किया गया.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.