पाकुड़: जिले में फर्जी माइनिंग चालान के जरिए पत्थर की ढुलाई तेजी से चल रही है. जिले के सीमावर्ती इलाकों में क्रियाशील चेक नाकों के रास्ते वाहन चालक फर्जी माइनिंग चालान से वाहनों का परिचालन कर रहे हैं और माफिया चांदी काट रहे हैं. जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है. यह खुलासा खनन विभाग के खान निरीक्षक द्वारा नगर थाने में कराए गए एफआईआर से हुआ है.
रात के अंधेरे में वाहन चालक फर्जी चालान का उठाते हैं फायदा
खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने नगर थाने को दिए अपने शिकायत में उल्लेख किया है. शिकायत में उल्लेख है कि मध्य रात्रि को नगर थाना क्षेत्र के भगत सिंह चौक के निकट पत्थर से लदे एक ओवरलोड वाहन को रोककर जब कागजात की मांग की गई तो चालक माइनिंग चालान देकर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. शिकायत के मुताबिक चालक द्वारा प्रस्तुत किए गए माइनिंग चालान में डीलर का नाम कृष्णा साहा स्टोन वर्क्स मौजा पीपलजोड़ी अंकित था. जब जिम्स पोर्टल पर जांच की गई तो पोर्टल पर ऐसा कोई भी डीलर का ेेेनाम पंजीकृत नहीं पाया गया.
वाहन मालिक और चालक पर एफआईआर दर्ज
खान निरीक्षक ने वाहन संख्या डब्लूबी 65 सी 4800 के चालक एवं मालिक के खिलाफ एफआईआर के लिए नगर थाने में लिखित शिकायत दी है. मिली शिकायत पर थाने में कांड संख्या 324/25 दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है. खान निरीक्षक ने बताया कि पूर्व में नगर थाना में फर्जी माइनिंग चालान को लेकर कांड संख्या 175/25 दर्ज कराया गया था. जबकि दिसंबर माह में मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक फर्जी माइनिंग चालान के मामले में कई लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
फर्जी चालान के सहारे पत्थर का परिवहन किए जाने के मामले में जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जिले में क्रियाशील सभी चेक नाकों में पदस्थापित अधिकारियों को उपायुक्त के निर्देश पर प्रशिक्षण दिया गया है. साथ ही बीच-बीच में कार्यशाला का आयोजन कर वैध और अवैध माइनिंग चालान की सत्यता कर जांच करने की जानकारी दी जाती है. विभाग के अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण भी किया जाता है. जिससे अवैध कार्यों पर रोक लगे.
बिना चालान सत्यापन के वाहन को जाने न दें: डीएमओ
जिला माइनिंग अधिकारी ने बताया कि सभी खनन चेक नाको में पदस्थापित अधिकारियों एवं कर्मियों को सख्त निर्देश है कि किसी भी हाल में ओवरलोडिंग, बिना चालान के वाहनों को गुजरने नहीं दें. साथ ही चालक द्वारा प्रस्तुत चालान की जांच खनन विभाग द्वारा बताए गए तरीके से करें. डीएमओ ने कहा कि अगर किसी प्रकार का संदेह हो तो इसकी सुचना तुरंत विभाग को दें. ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और राजस्व की चोरी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके.
बता दें कि पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड के चौड़ा मोड़, रानीपुर, लिट्टीपाड़ा के धरमपुर, पाकुड़ प्रखंड के चांदपुर, कशीला, पत्थरघट्टा के अलावा महेशपुर, रद्दीपुर और पाकुड़िया प्रखंड सहित कई स्थानों में खनन चेक नाका क्रियाशील है. इन इलाकों से गुजरने वाले पत्थर से लदे वाहनों के माइनिंग चालान क पुलिस पदाधिकारियों के जरिए सही से जांच होनी चाहिए. इससे पत्थरों की अवैध परिचालन पर रोक लगेगी.
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