छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र: प्रश्नकाल से लेकर बजट अनुदान तक विपक्ष सरकार पर करेगा प्रहार, हंगामे के आसार
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन कई मायनों में अहम रहने वाला है. प्रश्नकाल से लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, विधेयकों की पुनर्स्थापना और हजारों करोड़ रुपये के अनुपूरक अनुदान पर मतदान तक सरकार को आज कई मोर्चों पर विपक्ष के सवालों का सामना करना पड़ सकता है. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी और राजनीतिक गरमाहट के पूरे संकेत हैं.
प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सदन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें पूर्व में वितरित सूची के अनुसार मंत्रियों से विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. प्रशासनिक कार्यप्रणाली, योजनाओं के क्रियान्वयन और विभागीय लापरवाही जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति में है.
अहम रिपोर्टें और प्रतिवेदन पटल पर रखे जाएंगे
आज सदन के पटल पर कई महत्वपूर्ण रिपोर्ट और प्रतिवेदन रखे जाएंगे. इनमें भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक का वित्तीय प्रतिवेदन, साथ ही शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के वार्षिक प्रतिवेदन शामिल हैं. इसके अलावा कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा.
ध्यानाकर्षण प्रस्तावों में सरकार को घेरने की तैयारी
नियम 138(1) के तहत विपक्ष औद्योगिक इकाइयों में व्याप्त अव्यवस्था, कुप्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की कमी को लेकर श्रम मंत्री का ध्यान आकर्षित करेगा. वहीं सिहावा विधानसभा क्षेत्र में स्थित 18 शासकीय स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति को लेकर भी स्कूल शिक्षा मंत्री से जवाब मांगा जाएगा.
विधेयकों की पुनर्स्थापना पर सदन की नजर
तीसरे दिन सरकारी विधि विषयक कार्य के तहत कई अहम विधेयकों की पुनर्स्थापना की जाएगी. इनमें छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक, छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक शामिल हैं. इन विधेयकों को लेकर विपक्ष सरकार की मंशा और नीतियों पर सवाल उठा सकता है.
अनुपूरक अनुदान मांगों पर होगा मतदान
वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए पहले अनुपूरक अनुमान की अनुदान मांगों पर आज सदन में मतदान होगा. सरकार की ओर से 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य की संचित निधि से व्यय करने की अनुमति मांगी जाएगी. बड़े पैमाने पर खर्च को लेकर विपक्ष के तीखे सवाल और बहस की संभावना जताई जा रही है.
जनहित से जुड़ी याचिकाएं भी होंगी पेश
सदन में विभिन्न विधायकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी जनहित याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी. इनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, स्कूल और कॉलेज की स्थापना, सड़क निर्माण, पुलिया और नाला निर्माण जैसे बुनियादी विकास से जुड़े मुद्दे शामिल हैं.
हंगामेदार रहने के आसार, सरकार पर बढ़ेगा दबाव
कुल मिलाकर विधानसभा के तीसरे दिन प्रश्नकाल से लेकर वित्तीय प्रस्तावों तक सरकार के लिए दिन आसान नहीं रहने वाला है. विपक्ष के आक्रामक रुख, बड़े वित्तीय फैसलों और जनहित मुद्दों के चलते सदन में हंगामा और तीखी बहस के पूरे आसार बने हुए हैं.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.