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मनरेगा नाम विवाद पर थरूर का बड़ा बयान! विवाद को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, कांग्रेस को दिखाया आईना, मोदी सरकार को दी अहम नसीहत, क्या है थरूर का पूरा स्टैंड?

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मनरेगा का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस पर हो रहे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. थरूर ने कहा कि नए ‘विकसित भारत-जी राम जी’ बिल में MGNREGA का नाम बदलने पर हो रहा विवाद दुर्भाग्यपूर्ण है. ग्राम स्वराज की अवधारणा और राम राज्य का आदर्श कभी भी एक-दूसरे के विरोधी नहीं थे. वे गांधीजी की चेतना के जुड़वां स्तंभ थे.

थरूर ने आगे कहा कि ग्रामीण गरीबों के बारे में महात्मा गांधी का विजन बहुत साफ था. वे उनकी परवाह करते थे. ‘राम’ के प्रति उनकी आस्था थी. उनकी आखिरी सांस में ‘राम’ थे. उनकी विरासत का अपमान न करें. विभाजन की ऐसी रेखा न खींचें जहां कोई रेखा थी ही नहीं. उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल से हर कोई इस स्कीम को अलग-अलग भाषाओं में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के नाम से जानता है. अब इसे क्यों बदलना है? आप स्कीम की शर्तें बदल सकते हैं. यह सरकार का अधिकार है लेकिन नाम बदलना जरूरी नहीं है.

MGNREGA को G RAM G कहना महात्मा गांधी का घोर अपमान- केसी वेणुगोपाल

वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) योजना का नाम बदलने का कड़ा विरोध करते हैं. उनके वैचारिक साथियों ने उनके शरीर को मार डाला और आज वे उनके विचार को खत्म करने के लिए उनका नाम मिटा रहे हैं. बापू का नाम मिटाने की चाहत इतनी ज्यादा है कि वे सभी तय नियमों का उल्लंघन करते हुए इस बिल को संसद में जबरदस्ती पास करवा रहे हैं. लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था को अपने संकीर्ण एजेंडे के लिए सिर्फ एक रबर स्टैंप की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

वेणुगोपाल ने आगे कहा कि मनरेगा को जिस वित्तीय गड़बड़ी में उन्होंने धकेला है, उसे ठीक करने के बजाय, बीजेपी ने योजना का नाम बदलने का फैसला किया है. इसे विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) – G RAM G कहना महात्मा गांधी का घोर अपमान है. उनका नाम मिटाना हमारी राष्ट्रीय चेतना का गहरा अपमान है. यह सरकार हमारे देश की सोच से गांधी को हटाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी, लेकिन वे हम सभी के दिलों में बसते हैं और हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे कि भारत के राष्ट्रपिता के रूप में उनकी हैसियत कभी कम न हो.

नाम हटाने का क्या फायदा, समझ नहीं आ रहा – प्रियंका गांधी

उधर, मनरेगा का नाम बदले जाने पर कहा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वे महात्मा गांधी का नाम क्यों हटा रहे हैं? वे इस देश और दुनिया के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं. मुझे समझ नहीं आ रहा इसके पीछे सरकार की मंशा क्या है? इसका फायदा क्या है, यह क्यों किया जा रहा है, मुझे समझ नहीं आ रहा है, इसका मकसद क्या है. सदन चल नहीं रहा है. चर्चा भी कर रहे हैं तो पता नहीं किन-किन चीजों पर कर रहे हैं.

सरकार ला रही नई योजना VB-G RAM G

बता दें कि केंद्र सरकार मनरेगा की जगह नई विकसित भारत-जी राम जी योजना (VB-G RAM G) ला रही है. यह योजना ग्रामीण परिवारों को 100 की जगह 125 दिन काम देगा. फंड में अब 90:10 नहीं, 60:40 का फार्मूला होगा. राज्यों की हिस्सेदारी और जिम्मेदारी दोनों बढ़ेगी. इस नए बिल का उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है.

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