उज्जैन: भारत में ओरल कैंसर के तेजी से बढ़ते मामलों की चिंता लिए और इसके प्रति आमजन को गंभीर बीमारी से बचाने और उससे जागरुक करने के उद्देश्य से उज्जैन के डेंटल सर्जन डॉ इमित पाल सलूजा एक ऐप तैयार कर रहे हैं. हाल ही में मुख कैंसर इंटरैक्टिव 3D ऐप को लेकर भारत सरकार ने इस ऐप का कॉपीराइट रजिस्टर्ड किया है.
डॉ सलूजा बताते हैं कि ऐप को लेकर 7 लोगों की टीम काम कर रही है. इस ऐप में लगातार अपडेट कर रहे हैं और जल्द ही इसे लॉन्च भी करेंगे. उद्देश्य यही है कि कैसे शिक्षा और जनजागरूकता के माध्यम से तैयार किए जा रहे इस ऐप से लोगों की जान बचाई जा सके. उन्हें प्रॉपर और उनके बजट में ट्रीटमेंट मिल सके.
‘ऐप पूरी तरह निशुल्क लेकिन बनाने में लाखों खर्च’
डॉ इमित पाल सलूजा ने ईटीवी भारत को बताया कि “खास बात यह है यह ऐप जल्द ही सभी भाषाओं में होगा. इस ऐप में लोगों की कहानियां होंगी. अगर आपके मुंह में छाले, सफेद लेयर, सूजन और अन्य परेशानी है, जिन्हें आप सामान्य मानते हैं जिसकी वजह आगे जाकर घातक होना हो सकता है, जिससे आपका चेहरा भी भयावह हो सकता है तो यह ऐप आपको बिना कहीं भटके वक्त रहते अपना उपचार आसानी से करवा पाने में मदद करेगा. आप इस ऐप को पूरी तरह निशुल्क चला पाएंगे लेकिन इसे बनाने में जो खर्चा है वो लगभग 50 लाख के आसपास आ रहा है.”
डॉ इमित पाल सलूजा का दावा
डॉ इमित पाल सलूजा का दावा है कि “इस एप के माध्यम से ही सब कुछ 3D तस्वीरों से दिखेगा. आप खुद के मुंह का फोटो लेकर 3D तस्वीरों से तुलना कर बीमारी जान पाएंगे. प्रॉपर ट्रीटमेंट के लिए निशुल्क सलाह मिलेगी. लोगों की इसमें कहानियां आपको मिलेगी.”
‘हर एंड्रॉइड फोन में डाउनलोड होगा ऐप’
डॉ इमित पाल सलूजा ने बताया कि “ये ऐप ओपमेंटेड रियल्टी पर होगा. एआर तकनीक से इसे बनाया जा रहा है. आम भाषा में कहें तो हर एंड्रॉइड फोन में आसानी से डाउनलोड होगा. सबसे बड़ी समस्या है जब पेशेंट डॉक्टर के पास आता है तो कैंसर का ऑलरेडी स्टेज 3 या 4 तक पहुंच चुका होता है. ऐसे में इस ऐप को बनाने का उद्देश्य ही यही है कि पेशेंट तुरंत अपनी बीमारी को खुद से पहचाने. शुरुआती लक्षणों में डॉक्टर के पास पेशेंट पहुंच जाएगा तो बेहतर उपचार मिलेगा.”
‘विश्व में भारत ओरल कैंसर का कैपिटल’
डॉ इमित पाल सलूजा ने बताया कि “विश्व में भारत ओरल कैंसर का कैपिटल बन गया है. ये ऑन रिकॉर्ड नजर भी आता है. विश्व में ओरल कैंसर के सबसे ज्यादा मामले भारत में सामने आ रहे हैं और यह एक बड़ी समस्या है. लोगों में जागरूकता नहीं है. छोटे-मोटे दर्द को लोग इग्नोर कर देते हैं. उन्हें पता ही नहीं चलता कि उनके मुंह में कैंसर पनप रहा है. जब तकलीफ ज्यादा होती है तो डॉक्टर को दिखाते हैं. यह ऐप वह तमाम लक्षण बताने में और प्रॉपर ट्रीटमेंट के लिए मदद करेगा.”
‘जल्द लॉन्च होगा इंटरैक्टिव 3D ऐप’
प्रोफेसर और इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ इमित पाल सलूजा ने बताया कि “वे जागरुकता के लिए टीम के साथ कई कैंपों में जाते हैं. इस दौरान उन्होंने कई ऐसे केस देखे हैं जिसमें बच्चो को भी मुख कैंसर है. एक 16 साल के बच्चे का बिना पहचान बताए उदाहरण देते हुए बताया कि कई ऐसे बच्चे हैं जिनके माता पिता नहीं हैं, सड़कों पर रहते हैं और बीड़ी, सिगरेट, पाउच की लत से जकड़े हुए हैं उन्हें ओरल कैंसर है. यह ऐप जागरुकता लाएगा और इसे जल्द ही लॉन्च किया जाएगा.”
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