जबलपुर: हाईटेक जमाने में लोगों की अपनी एक वर्चुअल दुनिया होती है. इसमें लोग वास्तविक दोस्तों से ज्यादा आनलाइन दोस्तों के साथ समय बिताते हैं. देश-विदेश में बैठे लोग एक-दूसरे से आसानी से जुड़ जाते हैं और गहरे दोस्त भी बन जाते हैं. लेकिन कई बार इस दोस्ती में खामियाजा भी उठाना पड़ जाता है. इसलिए सोशल मीडिया पर फ्रेंडशिप सोच समझकर करें. जबलपुर के रविंद्र सिंह को सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना महंगा पड़ गया है. उनको लाखों रुपए की चपत लग गई है.
फेसबुक से दोस्ती कर 9 लाख रुपए ठगे
आज से करीब 20 दिन पहले रविंद्र सिंह ने जबलपुर के साइबर सेल पहुंचकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायती आवेदन में रविंद्र ने बताया कि “एक शख्स ने उनसे फेसबुक पर फ्रेंडशिप की. इसके बाद हम दोनों एक-दूसरे को मैसेंजर ऐप के से बात करने लगे, फिर हमारी फोन और व्हाट्सएप पर बात होने लगी. उसने पहले मेरा भरोसा जीता. इसके बाद उसने मदद के लिए पैसे मांगे और कुछ दिन बाद वापस कर दिए. हमारे बीच पैसों के लेनदेन का सिलसिला शुरू हुआ. उसने धीरे-धीरे करके 9 लाख रुपए ऐंठ लिए, जब उससे पैसे वापस मांगे तो उसने बात करनी बंद कर दी.”
2 साइबर ठग मुरैना से गिरफ्तार
साइबर सेल प्रभारी भावना तिवारी ने बताया कि “इस मामले में हमने फेसबुक के जरिए ही जांच पड़ताल शुरू की थी. इस दौरान हमें 2 लोगों पर शक हुआ, जो मुरैना के रहते थे. हमने इन दोनों लोगों को हिरासत में ले लिया है. इनमें से एक का नाम मनु परिहार और दूसरे का नाम विनोद उपाध्याय है. इन दोनों के अकाउंट को सीज कर 2 लाख रुपए बरामद कर लिए है. लेकिन अभी भी इस मामले में और रिकवरी बाकी है.”
ठगी के तार दूसरे राज्यों से जुड़े
स्टेट साइबर सेल ने विनोद और मनु के जरिए दूसरे कई अकाउंट भी सीज किए हैं. जिनमें पैसों को ट्रांसफर करने की जानकारी मिल रही है. भावना तिवारी का कहना है कि “इन दोनों ही अपराधियों से और दूसरे फ्रॉड की जानकारी भी ली जा रही है. क्योंकि यह लोग पेशेवर तरीके से डिजिटल फ्रॉड कर रहे थे. इसके अलावा ठगी की रकम झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कई दूसरे अकाउंट में भी ट्रांसफर की गई है. जल्द उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा.”
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