Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Singh Gang Extortion: हरमू रोड पर फायरिंग से व्यवसायियों में दहशत, व्हाट्सएप पर मिली थी धमकी Ranchi Smart City News: मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग की तालाब में डूबने से मौत, धुर्वा थाना क्षेत्र... Deoghar News: ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदल रहे आरसेटी केंद्र, कृषि और उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण... Chowka Thana Area News: बस में सवार थे 25-30 यात्री, सुबह तड़के हुए हादसे के बाद मची अफरा-तफरी Jail News: रांची के बाद अब जमशेदपुर में सुधर रही जेल की स्थिति, उत्पादन इकाइयों से जुड़ रहे हैं बंदी Gumla News: शहीद अल्बर्ट एक्का के बेटे विंसेंट एक्का से ट्रैक्टर वापस, कृषि विभाग ने वित्तीय विवाद प... Jharkhand News: कीर्तन में जा रहे 55 वर्षीय भागीरथ राय के साथ लूटपाट, मुफस्सिल थाना प्रभारी ज्ञान रं... Election Commission Controversy: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद घिरे CEC ज्ञानेश कुमार, देश भर म... UP Crime News: हथियार ले जाने पर सवाल पूछने पर मारपीट का मामला, वादी पक्ष ने संपत्ति कुर्की की मांग ... Indore Collectorate Rallies: पारंपरिक वेशभूषा में सड़कों पर उतरे सैकड़ों समाजजन, शिक्षा और रोजगार मे...

ई-अटेंडेंस में क्या दिक्कतें? शिक्षकों ने हलफनामा में दिया ब्यौरा, हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

23

जबलपुर : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को चुनौती दी गई. याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता शिक्षकों की तरफ से हलफनामा पेश किया गया. इसमें ई-अटेंडेंस दर्ज कराने में आने वाली दिक्कतों की जानकारी दी गई. जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने शिक्षकों को आने वाली दिक्कतों से संबंध में सरकार से शपथ-पत्र के साथ ही जवाब प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये हैं.

डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 का जिक्र

जबलपुर निवासी मुकेश सिंह वरकड़े, सतना के सत्येंद्र तिवारी सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 27 शिक्षकों ने याचिका दायर कर ई-अटेंडेंस को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है “शिक्षकों को ई-अटेंडेंस के लिए बने शिक्षक एप के जरिए उपस्थित दर्ज कराने में बहुत सी समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है. डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के के तहत शिक्षकों का पर्सनल मोबाइल व्यक्तिगत उपयोग के लिए है. मोबाइल से बैंक खाता लिंक है.”

शिक्षकों ने सायबर फ्रॉड की आशंका जताई

शिक्षा विभाग ने जून 2025 से शिक्षक एप को शिक्षकों के पर्सनल मोबाइल पर डाउनलोड कर, दिनभर लोकेशन ओर जीपीएस ऑन करते हुए उपस्थित दर्ज कराने के आदेश जारी किए थे. पर्सनल मोबाइल पर कोई भी एप डाउनलोड करने तथा उनके पर्सनल मोबाइल पर डेटा, सुरक्षा की गारंटी का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है. सायबर फ्रॉड की घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. लोकेशन ऑनलाइन करने पर शिक्षकों को सुरक्षा की बड़ी चिंता है.”

बायोमेट्रिक मशीन पर शिक्षक सहमत

याचिका में कहा गया है “कई शिक्षकों के पास अच्छा स्मार्ट फोन नहीं है और प्रतिमाह डाटा पैक खरीदना, प्रतिदिन मोबाइल की बैटरी चार्ज रखना, स्कूल में नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने की भी समस्याएं हैं. एप में सर्वर व चेहरा मिलान की भी समस्याएं हैं.” याचिका में राहत चाही गयी थी “बायोमेट्रिक मशीन से या पूर्व की भांति कर्मचारी रजिस्टर में उपस्थित दर्ज कराई जाए.” पिछली सुनवाई के दौरान एकलपीठ ने ई-अटेंडेंस में आने वाली दिक्कतों के संबंध में याचिकाकर्ताओं को हलफनामा प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये थे.

शिक्षकों ने हाई कोर्ट में पेश किया हलफनामा

याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता शिक्षकों ने नेटवर्क सहित अन्य तकनीकी समस्याएं के संबंध में हलफनामा पेश किया. शपथ-पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने सरकार से शपथ-पत्र में जवाब मांगा है. याचिका पर अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित की गयी है. याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने पैरवी की.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.