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सीकर की हवेली में मिली $125$ साल पुरानी तिजोरी! अंदर क्या छिपा है? लेने के लिए पहुंच गए दो-दो दावेदार, हंगामा मचा

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राजस्थान के सीकर जिले के हसामपुर गांव में 125 साल पुरानी हवेली है. इस हवेली में निर्माण कार्य हो रहा है. इसी बीच, अचानक जमीन के भीतर से एक पुरानी लोहे की तिजोरी बरामद हुई. तिजोरी दिखने की खबर गांव में आग की तरह फैल गई. लोग ये कयास लगा रहे हैं कि क्या इसमें कोई खजाना छिपा है?

सूचना मिलते ही देखते-ही-देखते भारी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए. स्थिति को देखते हुए पाटन पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तिजोरी को कब्जे में लिया, उस पर सील लगाई और सुरक्षित तरीके से पाटन थाने ले जाकर रखवा दिया.

किसकी हवेली थी?

गांववालों ने बताया कि यह हवेली कभी गांव के मशहूर परिवारों में से एक मुसद्दीलाल तिवारी की थी. तिवारी परिवार के सदस्य कई साल पहले गांव छोड़कर ओडीशा और दिल्ली में बस गए थे. बाद में यह हवेली शक्ति सिंह ने खरीदी, जिन्होंने इसे आगे गोविंद शर्मा, जले सिंह जाटवास और धर्मपाल सैनी को बेच दिया. वर्तमान में नए मालिकों की ओर से यहां निर्माण कार्य हो रहा है. इसी बीच, ये तिजोरी सामने आई.

तिजोरी के बाहर आते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कोई कहने लगा कि इसमें पुराने समय का खजाना हो सकता है, तो कुछ लोगों ने अंदेशा जताया कि शायद इसमें तिवारी परिवार के बहुमूल्य जेवर या जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज छिपाए गए हों. वहीं कुछ ग्रामीणों ने प्राचीन सिक्कों, बेशकीमती धातुओं और मुगलकालीन खजाने जैसी बातें भी करना शुरू कर दिया. तिजोरी का आकार बड़ा और वजन अधिक होने के कारण ग्रामीणों का मानना है कि इसके भीतर जरूर कोई कीमती सामान हो सकता है.

क्या बोले पुलिस अधिकारी?

वहीं, पुलिस ने तिजोरी को सील कर दिया है. पाटन थानाधिकारी रमेश मीणा ने बताया कि तिजोरी को अभी नहीं खोला जाएगा. इसे तभी खोला जाएगा जब तिवारी परिवार (पहले मालिक) और वर्तमान मालिक दोनों की मौजूदगी और सहमति में प्रक्रिया पूरी की जा सके. पुलिस का कहना है कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को बुलाया जा रहा है, ताकि तिजोरी खोलने के बाद जो भी निकले, उसके बारे में किसी तरह का विवाद न हो.

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