ग्वालियर: डीएड (D.Ed) की फर्जी अंकसूची (Marksheet) के जरिए सरकारी शिक्षक बने 34 लोगों पर एसटीएफ(STF) ने एफआइआर(FIR) दर्ज की है। फर्जीवाड़ा करने वाले यह सभी शिक्षक ग्वालियर और चंबल अंचल के रहने वाले हैं। यह नौकरी ग्वालियर, भिंड, मुरैना, इंदौर व अन्य जिलों में कर रहे हैं।
34 में से आठ शिक्षक नामजद
34 में से आठ शिक्षक नामजद हैं, जबकि 26 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच चल रही है। इनकी अंकसूचियां संदिग्ध हैं, क्योंकि इनका रिकार्ड शिक्षा विभाग के पास नहीं है। एसटीएफ मुख्यालय के निर्देश पर एसपी राजेश सिंह भदौरिया द्वारा डीएसपी एसटीएफ प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की गई थी।
34 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की गई।
34 शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की गई। इनकी अंकसूची फर्जी पाई गई। इस आधार पर आठ नामजद सहित 34 शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज की गई है। एसटीएफ द्वारा धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है।
यह शिक्षक नामजद हैं
गंधर्व सिंह पुत्र संतोष सिंह रावत
साहब पुत्र खेमराज कुशवाह
बृजेश पुत्र भान सिंह रोरिया
महेंद्र पुत्र लक्ष्मण सिंह रावत
लोकेंद्र पुत्र जगन्नाथ सिंह
रूबी पुत्री शिवकुमार कुशवाह
रविंद्र पुत्र उदयभान सिंह
अर्जुन सिंह पुत्र बुलाखी सिंह चौहान
अंकसूची फर्जी बनाने से लेकर सत्यापन तक में फर्जीवाड़ा
मामले की जांच कर रही टीम ने पाया कि सिर्फ अंकसूची ही फर्जी नहीं हैं, बल्कि नियुक्ति होने से पूर्व किए जाने वाले सत्यापन तक में फर्जीवाड़ा हुआ है। इसमें वह लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने सत्यापन किया। अगर सही ढंग से सत्यापन होता तो यह फर्जीवाड़ा उस समय ही पकड़ा जाता, जब नियुक्ति हुई थी। सत्यापन में भी साठगांठ हुई।
फर्जी जाति प्रमाण-पत्र से भी नौकरी पाने वाले
फर्जी डीएड अंकसूची से पहले फर्जी जाति प्रमाण-पत्र से शिक्षक बनने वाले लोग भी ग्वालियर-चंबल अंचल के जिलों के ही थे। इस मामले में भी एसटीएफ द्वारा एफआइआर दर्ज की गई थी। उस समय भी करीब 26 शिक्षकों पर एफआइआर दर्ज की गई थी।
जांच में अंकसूची के नाम, पते सब अलग निकले
जिन सीरियल व रोल नंबर की अंकसूची का उपयोग इन लोगों द्वारा किया गया था। माध्यमिक शिक्षा मंडल से इन नंबरों के आधार पर सत्यापन कराया गया। इसमें पाया गया कि नाम, पते सब अलग हैं। यह अंकसूची अन्य लोगों को जारी हुईं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.