PM मोदी का संवेदनशील कदम! भूटान से आते ही LNJP अस्पताल पहुंचे, ब्लास्ट में घायल पीड़ितों से मिलकर बढ़ाया हौसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय भूटान दौरे से वापस लौट चुके हैं. दिल्ली में लैंड होने के बाद सीधे पीएम आवास जाने के बजाय वे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे हैं. यहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों से मुलाकात की है. पीएम मोदी ने भूटान में भी अपने संबोधन में साफ तौर पर कहा था कि किसी भी षड्यंत्रकारी को छोड़ा नहीं जाएगा. दिल्ली ब्लास्ट को लेकर आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक बैठक भी होने वाली है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर पहले ही भूटान से लौटे हैं. एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर उन्होंने जो ब्लास्ट में घायल लोग हैं. उनसे मुलाकात की है. इसके साथ ही लोगों को पूरी मदद का भरोसा भी दिलाया है. यहां उन्होंने डॉक्टरों की टीम से भी मुलाकात की है. अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात के बाद एक बार फिर पीएम मोदी ने कहा कि षड़यंत्रकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा.
NIA कर रही पूरे मामले की जांच
लाल किला मेट्रो ब्लास्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून) की धारा 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम और BNS की धाराओं के तहत कोतवाली थाने में केस दर्ज किया है. हालांकि पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंपी गई है.
कार में सवार था डॉ. उमर?
आतंकी डॉ. उमर पुलवामा के कोइल का रहने वाला था. उसने 2017 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से MBBS किया था. लाल किले के पास जिस कार में ब्लास्ट हुआ है. उसमें आतंकी उमर के मौजूद होने की आशंका है. हालांकि अब तक ये तय नहीं हो पाया है कि उमर था या नहीं. फिलहाल डीएनए सैंपल की जांच की जा रही है कि इसके बाद ही तय हो पाएगा कि उमर कार में सवार था या नहीं.
सुरक्षा एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी, धौज, फतेहपुर तगा, फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में तलाश भी की है. डॉ. उमर यही पढ़ाता था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने
ब्लास्ट में मारे गए लोगों की पीएम रिपोर्ट सामने आ चुकी है. इसमें खुलासा हुआ है कि कान के पर्दे, फेफड़े और आंतें फट चुकी थीं. इसके साथ ही शवों की हड्डियां टूटीं, सिर पर चोट के निशान मिले हैं. गहरी चोट और ज्यादा खून बहने से मौत हुईं.
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