Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ramadan 2026- साल में दो बार आएगा रमजान का महीना? जानिए कब बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग और क्या है इसके पी... Paneer Shimla Mirch Recipe: शेफ कुनाल कपूर स्टाइल में बनाएं पनीर-शिमला मिर्च की सब्जी, उंगलियां चाटत... Kashmir Encounter News: घाटी में आतंक का अंत! 'ऑपरेशन त्रासी' के तहत सैफुल्ला सहित 7 दहशतगर्द मारे ग... Jabalpur News: जबलपुर के पास नेशनल हाईवे के पुल का हिस्सा ढहा, NHAI ने पल्ला झाड़ा; कहा- यह हमारे अध... बड़ा खुलासा: शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी का खौफनाक अतीत! रेप और मर्डर जैसे संगीन ... Crime News Bihar: एक क्लिक पर बुक होती थीं लड़कियां, बिहार पुलिस ने उजागर किया मानव तस्करी का 'मामी-... Namo Bharat New Routes: दिल्ली-मेरठ के बाद अब इन 3 रूटों पर चलेगी नमो भारत, जानें नए कॉरिडोर और स्टे... बड़ी खबर: बिहार के IG सुनील नायक को आंध्र पुलिस ने पटना में किया गिरफ्तार! पूर्व सांसद को टॉर्चर करन... NCP-SP vs Ajit Pawar: पायलट सुमित कपूर की भूमिका पर उठे सवाल, विधायक ने अजीत पवार विमान हादसे को बता... Indore Crime News: गर्लफ्रेंड हत्याकांड का आरोपी पीयूष पुलिस के साथ पहुंचा घटनास्थल, बताया कैसे 'पाव...

भावुक पल! वर्ल्ड चैंपियन ‘क्रांति’ का ढोल-नगाड़ों से स्वागत, सबसे पहले जहां खेला था क्रिकेट, वहां माथा टेककर चूम ली माटी

1

छतरपुर, भगवा: विश्व विजेता बनकर पहली बार घर आई क्रांति गौड़ के घर पर दीपावली जैसा उत्सव रहा। पूरे नगर के लोग एकत्रित होकर अपनी बेटी की एक झलक देखने के लिए उत्सुक दिखे थे। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता क्रांति गौड़ खजुराहो से चलकर शुक्रवार देर रात अपने गृहग्राम घुवारा पहुंचीं।

क्रांति के घर को फूलों से सजाया गया था। गांव वालों और इलाके के लोगों को बांटने के लिए 5 क्विंटल से ज्यादा लड्‌डू बनाए गए। इस दौरान इलाके के लोग उमड़ पड़े। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और फूलों की वर्षा के बीच लोगों ने गौड़ का भव्य स्वागत किया।

जमीन को चूम लिया, जहां पहली बार खेला था क्रिकेट

हालांकि क्रांति अपने गांव घुवारा जैसे ही पहुंची तो सबसे पहले वहां गई, जहां पहली दफा क्रिकेट खेला था। क्रांति ने सबसे पहले उस उबड़-खाबड़ जमीन पर माथा टेका और फिर उसे चूमा। बाद में वह कार की छत पर बैठकर अभिवादन करती रहीं।

खुद को नाचने से नहीं रोक पाई क्रांति गौड़

इस खास मौके पर उनके दोस्त डीजे पर झूमते हुए दिखे। वहीं क्रांति भी इस दौरान अपने आप को रोक नहीं पाई और ढोल-नगाड़ों पर खूब नाची। घुवारा पहुंचने से पहले क्रांति चौपरिया सरकार मंदिर पहुंचीं, जहां हनुमानजी के समक्ष माथा टेका था। इसके बाद वह घुवारा के लिए निकली।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.