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पंजाब में आया ‘सियासी भूचाल’! 2027 चुनाव के लिए कांग्रेस का सबसे बड़ा दांव, जानिए क्या है रणनीति?

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पंजाब की राजनीति से जुड़ी खबर सामने आई है। 1998 से मोती महल के कट्टर समर्थक रहे पटियाला के पूर्व मेयर संजीव शर्मा बिट्टू के कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को आखिरकार पहाड़ से नीचे उतरने पर मजबूर होना पड़ा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह लंबे समय से पटियाला से दूरी बनाए हुए थे और सिसवां फार्म में रहते थे। अब जबकि कांग्रेस आलाकमान ने 2027 को ध्यान में रखते हुए पूर्व मेयर संजीव शर्मा बिट्टू को कांग्रेस में शामिल कर लिया है, तो राजपरिवार अपनी राजनीतिक विरासत को लेकर चिंतित है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जयइंदर कौर पटियाला शहर से 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही हैं। अगर भाजपा जयइंदर कौर को टिकट देती है, तो कांग्रेस पार्टी कैप्टन के पुराने वफादार और राजपरिवार के एक कर्ताधर्ता संजीव शर्मा बिट्टू को मैदान में उतार सकती है। मोती महल संजीव शर्मा बिट्टू की राजनीतिक क्षमताओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं। यही वजह है कि संजीव बिट्टू के कांग्रेस में शामिल होने के बाद से मोती महल चिंतित हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह का लंबे समय बाद पटियाला आना इस बात का साफ संकेत है कि शाही परिवार 2027 के चुनावों को भी गंभीरता से ले रहा है।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी समेत पूरा गांधी परिवार चाहता है कि जिस तरह 2024 के लोकसभा चुनाव में परनीत कौर को हराया गया था, उसी तरह 2027 के विधानसभा चुनाव में भी कैप्टन परिवार को हराया जाए। राजनीति में अक्सर बड़े नेता अपने परिवार की राजनीतिक विरासत बचाने के लिए पुराने वफादारों को अलग-थलग कर देते हैं, जिससे वे पुराने वफादार दूसरे मंच पर चले जाते हैं और राजनीति में सफल होते हैं।

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