Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ATM Theft in Deoghar: फिल्मी अंदाज में वारदात को दिया अंजाम, सीसीटीवी में कैद हुई घटना; शहर के बॉर्ड... Gumla Simdega Bandh Update: केंद्रीय पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के आह्वान पर दुकानें बंद, एनएच-143 पर ... Ranchi Police Headquarters: नक्सलियों से लूटे हथियारों का बनेगा डेटाबेस, आत्मसमर्पित नक्सलियों के मा... Shivraj Singh Chouhan Ranchi Visit: केंद्र प्रायोजित कृषि योजनाओं की होगी समीक्षा, अधिकारियों को दिए... OBC Reservation Jharkhand: 27% आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन, रांची और खूंटी में सुरक्षा के कड़े इ... India vs West Indies Ranchi T20: पहले दिन बिके 8 हजार से अधिक टिकट, टिकट काउंटर पर हंगामे और गड़बड़ी... Ajay Devgn Highest Grossing Films: 'दृश्यम 3' की ताबड़तोड़ कमाई, क्या अजय देवगन की ये फिल्म तोड़ पाए... सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच रियाद में अहम बैठक: मक्का डिफेंस पैक्ट एक्टिवेट, पाकिस्तान और तुर्की क... Food Inflation India: खाने-पीने की चीजों की महंगाई पर आरबीआई और अर्थशास्त्रियों की चेतावनी, क्या और ... WhatsApp Scam Alert Feature: वॉट्सऐप लाने जा रहा है स्कैम अलर्ट फीचर, अनजान नंबरों के फ्रॉड से बचाएग...

बड़ा दावा! मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने कहा- ‘वंदे मातरम’ पढ़ना इस्लाम के खिलाफ नहीं, विवाद को खत्म करने की पहल

23

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के राष्ट्रीय संयोजक एसके मुद्दीन ने गुरुवार को कहा कि वंदे मातरम का पाठ करना इस्लाम के खिलाफ नहीं है और जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वे मुस्लिम समुदाय को गुमराह कर रहे हैं.

भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो रहे हैं. इस मौके पर केंद्र सरकार ने देश भर के 150 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजन का फैसला किया है. इसके तहत सामूहिक रूप से वंदे मातरम गाया जाएगा.

साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साल भर चलने वाले समारोह का उद्घाटन करेंगे और एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी करेंगे. मुद्दीन ने एक बयान में कहा, वंदे मातरम का अर्थ है हे मातृभूमि, मैं आपको सलाम करता हूं. इसे शरीयत के अनुसार गैर-इस्लामी कैसे कहा जा सकता है? जबकि यह उपजाऊ भूमि, पेड़ों, फूलों, पानी, पहाड़ों और देश की खूबसूरत सुबह और शाम की प्रशंसा करता है.

मुसलमानों को गुमराह करने की कोशिश

मुद्दीन ने कहा कि यह गीत राष्ट्र के लिए प्यार को व्यक्त करता है, जिसे इस्लाम में हुब्ब-उल-वतानी और हिंदी में राष्ट्रवाद के रूप में जाना जाता है. उन्होंने कहा कि कुछ कट्टरपंथी मुसलमान इसे पूजा से जोड़कर गुमराह करने की कोशिश करते हैं. मुसलमानों को वंदे मातरम कहते हुए गर्व महसूस करना चाहिए और इसे गर्व के साथ पढ़ना चाहिए.

वंदे मातरम गीत का अनुवाद

मुद्दीन ने दावा किया कि आजादी से पहले मौलाना अबुल कलाम आजाद और अन्य प्रमुख मुस्लिम इसे गर्व के साथ पढ़ते थे, लेकिन आजादी के बाद कुछ अलगाववादी तत्वों ने समुदाय को गुमराह करने और इसे राष्ट्रीय मुख्यधारा से दूर रखने की कोशिश की. मुद्दीन ने कहा कि 2006 में, मध्यप्रदेश मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में, उन्होंने इस गीत का अनुवाद किया और राज्य भर में बोर्ड के साथ पंजीकृत सभी मदरसों और मुसलमानों के बीच प्रसारित किया.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.