2020 के दिल्ली दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को यह बताया है कि राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा कोई अचानक भड़की हुई हिंसा नहीं थी, बल्कि भारत की संप्रभुता को कमज़ोर करने के उद्देश्य से एक संगठित सत्ता परिवर्तन अभियान का हिस्सा थी.
यह खुलासा 177 पन्नों के एक हलफनामे में किया गया है, जो छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम सहित कई आरोपियों की ज़मानत याचिकाओं के जवाब में दायर किया जा रहा है.
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