Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Namo Bharat Train: अब दिल्ली से मेरठ सिर्फ 55 मिनट में, सराय काले खां से मोदीपुरम तक दौड़ने को तैयार... Anant Bhaskar Murder Case: आंध्र प्रदेश के पूर्व MLC अनंत भास्कर पर हत्या का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने... सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: बंगाल में न्यायिक नियुक्तियों पर जारी खींचतान पर SC का बड़ा फैसला, अधिकारिय... बड़ी खबर: क्या बाबरी के नाम पर बन सकती है नई मस्जिद? सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को दिया झटका, सुनव... Greater Noida News: रयान इंटरनेशनल स्कूल में एक घंटे तक बाथरूम में बंद रही मासूम छात्रा, परिजनों ने ... भगवान को लिखा 'जॉब लेटर': छात्र ने मांगी 20 लाख के पैकेज वाली नौकरी, बदले में भगवान को दिया ये अनोखा... चुगली की तो कटेगी जेब! अब इधर-उधर की बातें की तो देना होगा भारी जुर्माना, जानें इस अनोखे फैसले के पी... Bihar Assembly News: 'ब्राह्मण' शब्द पर बिहार विधानसभा में हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा बोले- "मै... Rahul Gandhi Sultanpur Visit: सुल्तानपुर में फिर मोची रामचेत की दुकान पर रुके राहुल गांधी, बेटी के इ... AAP Attacks Opponents: महिलाओं को 2500 रुपये, प्रदूषण और युवा; आप ने 15 सवालों के जरिए सरकार को घेरा

सौरभ भारद्वाज का बड़ा हमला: दिल्ली में ‘आर्टिफिशियल रेन’ सिर्फ ड्रामेबाजी थी, क्लाउड सीडिंग हो ही नहीं सकती

7

दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज प्रदूषण को लेकर दिल्ली की रेखा सरकार पर लगातार हमलावर बने हुए हैं. वो क्लाउड सीडिंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साध रहे हैं. आर्टिफिशियल रेन को लेकर उन्होंने आज भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. भारद्वाज ने सरकार पर आर्टिफिशियल रेन के नाम पर ड्रामा करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इसमें आम लोगों का पैसा खर्च किया जा रहा है. दिल्ली में कृत्रिम बारिश हो ही नहीं सकती. इसके वैज्ञानिक कारण हैं.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जनता को बेवकूफ बनाने के लिए सरकार ने आर्टिफिशियल रेन की बात की. 27 अक्टूबर को बादल थे और उन्हीं को देखकर इन्होंने कृत्रिम बारिश की बात की. वैज्ञानिकों ने कहा है कि क्लाउड सीडिंग होते ही 15 मिनट में बारिश हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इन्होंने उस टाइम को बढ़ा लिया. कहीं भी एक बूंद बारिश नहीं हुई.

आप नेता ने आगे कहा कि शाम 4 बजे फिर क्लाउड सीडिंग कराई गई, लेकिन बारिश नहीं हुई. ये सब करके सरकार न सिर्फ दिल्ली के लोगों के साथ गलत कर रही है, बल्कि वैज्ञानिकों के साथ भी छल कर रही है. हमने भी आईआईटी कानपुर के साथ आर्टिफिशियल रेन को लेकर बात की थी. हम भी ऐसा चाहते थे. केंद्र सरकार ने संसद में इस संबंध में जवाब दिया. सरकार ने 3 बड़े और प्रमुख विभागों (IMD, CAQM और CPCB) से राय ली.

भारद्वाज ने कहा कि तीनों संस्थानों ने बताया कि इसकी जरूरत ही नहीं है. विंटर में क्लाउड सीडिंग की जरूरत नहीं है, अपने आप ही बारिश होगी. ये बात दिसंबर 2024 में कही गई. वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के बादल अपने आप बरस जाते हैं. खर्चा करने की जरूरत नहीं है और जो ऊंच बादल हैं उन्हें एयरक्रॉफ्ट सीड नहीं कर पाएगा. अगर कर भी दिया तो दिल्ली का जो मौसम है उसमें पानी अगर आ भी जाएगा तो वो नीचे आते-आते वापस भांप बन जाएंगे, इसलिए दिल्ली में ये नहीं किया जा सकता है. इसमें जो कैमिकल यूज होता है, उससे लोग बीमार हो सकते हैं. इसलिए केंद्र सरकार कहती है दिल्ली में क्लाउड सीडिंग नहीं हो सकती.

उन्होंने कहा कि जब आप जानते थे कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं हो सकती तो फिर ये सर्कस क्यों खड़ा किया गया. क्यों करोड़ों रुपए खर्च किए गए. देश और दिल्ली को क्यों बेवकूफ बनाया जा रहा है. ये ड्रामेबाजी क्यों हो रही है.

भाजपा ने क्लाउड सीडिंग में भी बड़ा घोटाला किया

आप प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि यह शर्मनाक है कि कल भाजपा ने झूठ बोला कि उन्होंने करोल बाग, मयूर विहार और बुराड़ी में कृत्रिम बारिश करवाई थी. जब हमने जांच की तो पाया कि एक भी बूंद नहीं गिरी. हल्की बारिश तो कहीं भी हो ही जाती है, लेकिन भाजपा असली बारिश का भी श्रेय लेना चाहती है. भाजपा ने क्लाउड सीडिंग में भी बड़ा घोटाला किया है. भाजपा को तो पता ही नहीं कि क्या उपाय करने हैं, क्योंकि वे दिखावे और सुर्खियां बटोरने का काम करते हैं.

इसलिए नहीं हुई बारिश

28 अक्तूबर को दिल्ली में हुई क्लाउड सीडिंग पर IIT कानपुर के प्रोफेसर मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि क्लाउड सीडिंग के दौरान बादलों में नमी बहुत कम केवल 15% पाई गई. इतनी कम नमी के कारण बारिश होने की संभावना बहुत कम थी, इसलिए इस बार सफलता नहीं मिली.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.