Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कोल्हापुर गोकुल डेयरी चुनाव विवाद पर राहुल गांधी का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले— 'दूध उत्पादकों के वोट... बेंगलुरु में ऑनलाइन शॉपिंग का रिफंड मांगना महिला को पड़ा भारी, कस्टमर केयर के चक्कर में गंवाए 1 लाख ... लखनऊ में सपा दफ्तर के बाहर लगे धीरेंद्र शास्त्री के विरोध में पोस्टर, '27 में कृष्ण आएंगे' का संदेश सतना में नाबालिग हत्या के आरोपी का जेल से छूटने पर भव्य स्वागत, बोलेरो के बोनट पर बैठकर सिगरेट के छल... मध्य प्रदेश के राजघरानों और निजी लोगों के पास मौजूद वन्यजीव ट्रॉफियों की होगी जांच, 21 साल बाद होगा ... नोएडा में चोरों का अनोखा कारनामा! क्रेन से सफेद वैगनआर कार उठाकर ले गए चोर, सीसीटीवी में कैद हुई वार... उत्तरकाशी में बड़ा सड़क हादसा, गंगोत्री हाईवे पर अनियंत्रित होकर गंगा नदी में गिरी इनोवा कार— 4 शव ब... बेंगलुरु के होटलों में महंगी हुई चाय, कॉफी, इडली और डोसा— दूध और चावल के दाम बढ़ने से होटल मालिकों न... Virat Kohli 38th Birthday Special Performance Analysis: जन्मदिन विशेष: जानिए 19 साल की उम्र से लेकर ... रणबीर कपूर की 'रामायण' पर क्या बोले टीवी के 'लक्ष्मण' सुनील लहरी? फिल्म के गानों को लेकर जाहिर की ना...

इंदौर कॉलेज में बड़ी शरारत: प्रिंसिपल के नाम पर बनाया ‘फर्जी गूगल फॉर्म’, छात्रों से मांगी गई पर्सनल जानकारी, मचा बवाल

45

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक कॉलेज में कुछ छात्रों की शरारत सामने आई है, जहां छात्रों ने प्रिंसिपल के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल कर एक फर्जी गूगल फॉर्म जारी कर दिया. इस फॉर्म में पर्सनल जानकारी मांगी गई. ये मामला इंदौर के शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय से सामने आया है. छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश की और साथ ही प्रिंसिपल के नाम का भी गलत इस्तेमाल किया.

जानकारी के मुताबिक कॉलेज के कुछ छात्रों ने प्रिंसिपल के लेटरहेड का गलत इस्तेमाल करते हुए एक फर्जी फॉर्म तैयार किया और उसे कॉलेज के ऑफिशियल और अनऑफिशियल स्टूडेंट ग्रुप में फैला दिया. इस फॉर्म में छात्रों से उनकी पर्सनल जानकारी मांगी गई थी, जिससे कई स्टूडेंट भ्रमित हो गए. जब मामला कॉलेज प्रशासन के संज्ञान में आया तो तुरंत जांच शुरू की गई.

कॉलेज प्रशासन से फॉर्म का संबंध नहीं

शुरुआती जांच में सामने आया कि यह फॉर्म पूरी तरह से फर्जी था और कॉलेज प्रशासन का इससे कोई संबंध नहीं था. इसके बाद प्रिंसिपल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति को जांच के निर्देश दिए हैं. समिति अब फर्जी फॉर्म तैयार करने और शेयर करने वाले छात्रों से जवाब मांगेगी. कॉलेज सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह की हरकत की गई हो. कुछ दिनों पहले भी कॉलेज प्रिंसिपल के निधन की झूठी खबर सोशल मीडिया पर वायरल की गई थी, जिसे बाद में पूरी तरह गलत पाया गया.

दोषी छात्रों पर लिया जाएगा एक्शन

इस तरह की शरारती गतिविधियों से कॉलेज की साख को नुकसान पहुंचा रहा है. कॉलेज प्रशासन ने कहा है कि दोषी छात्रों की पहचान होने के बाद डिसीप्लिनरी एक्शन लिया जाएगा. ताकि भविष्य में कोई भी छात्र इस तरह की हरकत करने से पहले 100 बार सोचे. वहीं शिक्षकों और छात्र संगठनों ने भी अपील की है कि स्टूडेंट्स सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और किसी भी जानकारी की सत्यता की पुष्टि किए बिना उसे आगे न बढ़ाएं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.