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UPI में आया बड़ा बदलाव: Google Pay और PhonePe पर मिलेगा ‘नया दमदार फीचर’, अब हो जाएगा यह काम

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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने UPI ऑटोपे के लिए एक नया और स्मार्ट सिस्टम पेश किया है, जो आम लोगों के लिए बड़े फायदे वाला है. अब आप अपने फोन में अलग-अलग UPI ऐप्स में जो भी नियमित भुगतान (मैंडेट) चल रहे हैं, उन्हें आसानी से देख सकेंगे और चाहें तो एक ऐप से दूसरे ऐप में भी इन मैंडेट को ट्रांसफर कर पाएंगे.

इस नई व्यवस्था का मकसद यह है कि यूजर्स के पास अपने सभी ऑटोपे भुगतान पर बेहतर नियंत्रण हो और वे अपने हिसाब से किसी भी UPI ऐप को चुन सकें, जिससे भुगतान करना और भी आसान और सुरक्षित हो जाएगा.

UPI ऑटोपे क्या है और इसमें क्या नया आया?

UPI ऑटोपे यानी ऑटोमैटिक पेमेंट में आप बैंक खाते से किसी सेवा का नियमित बिल जैसे मोबाइल रिचार्ज, डीटीएच, या सब्सक्रिप्शन फीस बिना बार-बार मैन्युअली भुगतान किए ऑटोमैटिकली कटवा सकते हैं. पहले अलग-अलग ऐप में जो मैंडेट बनाते थे, उनकी जानकारी केवल उसी ऐप में दिखती थी. अब NPCI के नए नियम के बाद, आप किसी भी यूपीआई ऐप में लॉगिन कर अपने सभी ऐप्स के मैंडेट एक जगह देख पाएंगे.

इतना ही नहीं, अगर आप किसी वजह से अपने मैंडेट को एक ऐप से दूसरे ऐप में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो यह भी अब संभव होगा. इससे उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के UPI ऐप के जरिए भुगतान करने की पूरी आजादी मिलेगी.

यह बदलाव कब लागू होगा?

NPCI ने सभी यूपीआई ऐप और भुगतान सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया है कि वे यह नया सिस्टम 31 दिसंबर 2025 तक लागू कर लें. इसका मतलब है कि अगले डेढ़ साल के अंदर यह सुविधा सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो जाएगी.

यूजर्स को इस बदलाव से क्या लाभ होगा?

इस नई व्यवस्था से यूजर्स को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वे अपने नियमित भुगतान पर पूरा नियंत्रण रख सकेंगे. चाहे आपके फोन में Google Pay हो या PhonePe, दोनों ऐप्स में जो भी ऑटोपे मैंडेट एक्टिव हैं, वे आपको एक ही जगह दिख जाएंगे. इससे आपको पता चलेगा कि आपके कौन-कौन से बिल ऑटोमैटिक कट रहे हैं और आप अपनी फाइनेंसियल प्लानिंग बेहतर तरीके से कर पाएंगे.

साथ ही, अगर आपको किसी ऐप की सर्विस पसंद नहीं आती या आप किसी नए ऐप पर ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो बिना किसी परेशानी के आप मैंडेट पोर्ट कर सकते हैं. इससे आपकी सहूलियत बढ़ेगी और भुगतान और भी सुरक्षित होगा.

NPCI ने UPI ऐप्स को क्या निर्देश दिए हैं?

NPCI ने साफ कहा है कि UPI ऐप्स में मैंडेट देखने और पोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी तरह से यूजर के नियंत्रण में होगी. यह सुविधा पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होगी. इसके अलावा, UPI ऐप्स को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मैंडेट से जुड़ी जानकारी सिर्फ उसी उद्देश्य के लिए उपयोग हो, न कि किसी अन्य प्रलोभन या मार्केटिंग के लिए.

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