Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Goa Voter List 2026: गोवा की फाइनल वोटर लिस्ट 14 फरवरी को नहीं होगी जारी, चुनाव आयोग ने बदली तारीख सोनम वांगचुक मामला: केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा, रिहाई की मांग का किया विरो... Patna News: घर में मिली हाई कोर्ट की महिला वकील इंदिरा लक्ष्मी की अधजली लाश, मर्डर या सुसाइड की गुत्... Hardeep Puri vs Rahul Gandhi: एपस्टीन से मुलाकात पर हरदीप पुरी की सफाई, राहुल गांधी के आरोपों को बता... Lucknow Crime News: लखनऊ में बुआ-भतीजे ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, लव अफेयर या पारिवारिक विवाद; जा... Rohit Shetty Case: रोहित शेट्टी मामले में बड़ा खुलासा, अब MCOCA एंगल से जांच करेगी पुलिस Vande Mataram New Rules: वंदे मातरम् को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, जानें मुस्लिम धर्मगुरुओं और... Bhagalpur Hospital Controversy: मंत्री लेशी सिंह के बीपी चैकअप पर बवाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच क... Delhi News: 'जंगलराज' के आरोपों के बीच गरमाई दिल्ली की सियासत, AAP नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर ... Delhi Metro Phase 4: दिल्ली मेट्रो के 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी, 13 स्टेशनों के साथ इन इलाकों की बदलेगी...

नौकरी का झांसा, गुलामों का हाल! मुंबई से थाईलैंड तक ह्यूमन ट्रैफिकिंग गैंग का भंडाफोड़

5

मुंबई से सटे मीरा रोड में क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में मोटी सेलरी पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को पहले थाईलैंड ले जाता था और उसके बाद अवैध रूप से सड़क मार्ग के जरिये म्यांमार, कंबोडिया,चीन ले जाते थे. इसके बाद इन युवकों से साइबर फ्रॉड का काम कराया जाता था. जो युवक ये काम करने से मना करते थे उनकी कई दिनों तक जमकर पिटाई की जाती थी और इन्हें स्लेव गुलाम बनाकर रखा जाता था. इस गैंग के सरगना चीन में बैठकर ये रैकेट चला रहे है और इस गैंग का नाम “डिजिटल सायबर स्लेवरी” बताया जा रहा है, जो एक खूंखार ह्यूमन स्मगलिंग और साइबर फ्रॉड गैंग है.

इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब 2 लड़के 13 लाख की फिरौती देकर इन गैंग के चंगुल से बाहर निकले और इंडिया आये. भारत आकर इन दोनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और क्राइम ब्रान्च मीरा रोड ने इस केस में 8 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. जिसमे 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है. गिरफ्तार आरोपियों में आसिफ खान उर्फ नेपाली और रोहित कुमार मरदाना शामिल है जो अलग-अलग चैन के जरिए चीन के सरगनाओं से जुड़े है. पुलिस के मुताबिक अभी जो आरोपी फरार उसमें चीन के लियो और स्टीव नाम के 2 आरोपियों के बारे पीड़ितों ने जानकारी दी है. वहां उनके कैद में भारत की कई लड़कियां है जिन्हें इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड के काम में ढकेल दिया गया है. इतना ही नहीं उनका शारीरिक शोषण भी किया जा रहा है.

क्राइम ब्रांच ने किया भंडाफोड़

मीरा रोड क्राइम ब्रांच ने जिस अंतरराष्ट्रीय साइबर जॉब फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है, इसमें न केवल भारत बल्कि कई एशियाई देशों के युवाओं को निशाना बनाया था. पीड़ित युवकों ने पुलिस को जानकारी दी है कि भारत के अलावा नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई देशों के युवक-युवतियों को निशाना बनाया गया है. आरोपियों ने बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में मोटी सैलरी पर जॉब दिलाने के नाम पर थाईलैंड के रास्ते म्यांमार, चीन, कंबोडिया ले जाकर वह बंधक बनाया जा रहा है. उनसे साइबर फ्रॉड और बाकी गैरकानूनी एक्टिविटीज करवाई जा रही हैं.

यह रैकेट युवाओं को थाईलैंड, म्यांमार, चीन, कंबोडिया और अन्य एशियाई देशों में उच्च वेतन और विदेशी कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर फंसाता था. फर्जी कंपनियों के नाम पर युवाओं को पहले बैंगकॉक तक कानूनी वीजा पर भेजा जाता था, लेकिन इसके बाद उन्हें अवैध रूप से सड़क मार्ग से बॉर्डर पार करवा कर म्यांमार या कंबोडिया के फेक कॉल सेंटर्स में बंदी बना लिया जाता था. इन कॉल सेंटर्स में उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध करवाए जाते थे. पासपोर्ट और वीजा छीन लिए जाते थे, और उन्हें 24 घंटे हथियारबंद गार्डों की निगरानी में रखा जाता था.

13 लाख की फिरौती के बाद बची जान

मीरा रोड क्षेत्र के दो युवा भी इस रैकेट के शिकार बने. उन्होंने बताया कि उन्हें 13 लाख रुपए की फिरौती देकर किसी तरह अपनी जान बचाकर भारत लौटना पड़ा. उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक स्थानीय ट्रैवल एजेंट समेत आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की है, जबकि 20 से अधिक आरोपियों की पहचान की गई है.

इन आरोपियों के खिलाफ सीबीआई और इंटरपोल की मदद से गिरफ्तारी अभियान शुरू किया गया है. अब तक सात और युवाओं की पहचान हुई है जो इसी रैकेट के जरिए विदेश भेजे गए थे.

डिजिटल स्लेवरी नाम से मशहूर था गिरोह

पुलिस के मुताबिक, यह रैकेट डिजिटल स्लेवरी (Digital Slavery) के नाम से मशहूर एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों से युवाओं को फर्जी रोजगार के नाम पर फंसाकर उनसे साइबर ठगी करवाता है.

मीरा रोड क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक बेहद संगठित और खतरनाक नेटवर्क है, जो मानव तस्करी और साइबर अपराध दोनों को जोड़कर काम करता है. युवाओं को नौकरी के नाम पर झांसा देकर गुलामी करने पर मजबूर किया जाता है.

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या ऑनलाइन पोर्टल्स पर मिल रहे आकर्षक विदेशी जॉब ऑफर्स से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिसको सूचना दें.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.