Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

Coldrif पर बड़ा शिकंजा: MP में मासूमों की मौत के बाद Gwalior के सभी मेडिकल स्टोर्स को स्टॉक रिपोर्ट सौंपने का आदेश

21

ग्वालियर। छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले के बाद केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने संदिग्ध कफ सिरप की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर तत्काल रोक लगा दी है। इसी के तहत ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन सक्रिय हो गया है। औषधि निरीक्षक अनुभूति शर्मा ने सभी दवा विक्रेताओं से स्टॉक रिपोर्ट मांगी है। हालांकि अब तक ग्वालियर में इस सिरप की सप्लाई नहीं हुई है और न ही यह सरकारी अस्पतालों के स्टॉक में पाई गई है। बावजूद इसके सभी मेडिकल स्टोर्स की जांच की जाएगी।

केंद्र सरकार ने जारी की है एडवाइजरी

औषधि निरीक्षक ने बताया कि अब तक सिरप की बिक्री से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है, फिर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि 2 साल से छोटे बच्चों को खांसी-जुकाम की दवा न दें। पांच साल से कम उम्र के बच्चों को भी दवा सिर्फ विशेषज्ञ की सलाह से ही दी जाए। बड़ों को भी दवा बहुत कम डोज में और डॉक्टर की सलाह से ही दी जानी चाहिए।

घरेलू नुस्खों और दवा रहित उपायों को अपनाएं

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि बच्चों को खांसी-जुकाम होने पर पहले घरेलू नुस्खों और दवा रहित उपायों को अपनाएं। सभी हॉस्पिटल, मेडिकल स्टोर और हेल्थ सेंटर से कहा गया है कि वे केवल गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस वाली सुरक्षित और प्रमाणित दवाएं ही खरीदें व बच्चों को दें।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.