Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

पूर्व CM फारूक अब्दुल्ला की बिगड़ी तबीयत… श्रीनगर के अस्पताल में कराया गया भर्ती

15

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को शनिवार (4 अक्टूबर) को श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि 87 साल के फारूक अब्दुल्ला की तबीयत पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही थी, जिसकी वजह से आज उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को इस सप्ताह की शुरुआत में पेट में संक्रमण हो गया था और उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया था. पार्टी के एक नेता ने कहा कि’पिछले कुछ दिनों से उनकी (अब्दुल्ला) तबीयत ठीक नहीं थी, हालांकि अब उनकी हालत में सुधार हो रहा है और उन्हें आज या कल छुट्टी मिलने की संभावना है’.

1937 को श्रीनगर में हुआ जन्म

फारूक अब्दुल्ला का जन्म 21 अक्टूबर 1937 को श्रीनगर में हुआ था. वो जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं. 87 साल की उम्र में भी वो पूरी तरह से राजनीति में सक्रीय हैं और तमाम मुद्दों पर अपनी बात रखते हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई इंग्लैंड से पूरी की. 1975 में वो इंग्लैंड से भारत लौटे और अपने पिता शेख अब्दुल्लाह की राजनीतिक विरासत संभाला. हालांकि इसमें उनकी ब्रिटिश नागरिकता ने परेशानी खड़ी की लेकिन बाद में उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई जिसके बाद वो राजनीति में आए.

1980 में पहली बार सांसद चुने गए

साल 1980 में फारूक अब्दुल्ला पहली बार बतौर सांसद चुने गए. ये किसी भी चुनाव में उनकी पहली जीत थी. इसके बाद अब्दुल्ला ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. . साल 1982 में वो पहली बार विधायक बने और इसके बाद पांच बार विधायक रहे. 1982 से 83 तक उन्होंने जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य मंत्री का भी पदभार संभाला.

1983 में बने मुख्यमंत्री

साल 1983 में फारूक अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर का मुख्यमंत्री चुना गया. इसके बाद वो तीन बार यहां मुख्यमंत्री के पद पर रहे. फरवरी 2009 में वो दूसरी बार राज्यसभा के लिए चुने गए. इसी साल उन्होंने लोकसभा चुनाव में भी जीत दर्ज की. 31 मई 2009 से लेकर मई 2014 तक फारूक केंद्र सरकार में नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के पद पर रहे. फारूक अब्दुल्ला के बेटे उमर अब्दुल्ला जम्मू-कश्मीर के मौजूदा मुख्यमंत्री हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.