भारत विविधताओं का देश है. यहां ऐसी कई रीतियां हैं जो आपको हैरान कर सकती हैं. भारत के हर राज्य में कुछ न कुछ अलग सभ्यता और संस्कृति देखने को मिल जाती है. दशहरे के मौके पर ऐसा ही एक उत्सव आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में मनाया जाता है. यहां लोग भगवान की मूर्ति को अपने साथ ले जाने के लिए छीना झपटी करते हैं. इस दौरान श्रद्धालु एक-दूसरे के सर पर लाठियों से हमला करते हैं. मल्लेश्वर मंदिर के निकट यह समारोह, एक दानव पर भगवान शिव की जीत को याद करने के लिए मनाया जाता है.
हजारों लोग उत्सव में हुए शामिल
इस साल भी काफी रोक थाम के बावजूद दशहरे के दिन देवरगट्टू के आस पास के करीब 7 गांवों से हजारों लोग इस प्रथा में भाग लेने के लिए आये. इस दौरान इन गांवों के लोग दो भागों में बंट गए थे, फिर भगवान की मूर्ति को अपने साथ ले जाने के लिए छीना झपटी शुरू हुई. देखते ही देखत लोग एक दूसरे के गुट पर लाठियां बरसाने लगे. इस उत्सव को देखने के लिए सीमावर्ती कर्नाटक से भी लोग यहां पहुंचे.
2 लोगों की हुई मौत
हमेशा की तरह छीना झपटी और डंडों की चोट लगने से करीब 100 लोग घायल हुए हैं. 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है. जबकि इलाज के दौरान 2 लोगों की मौत हो चुकी है. घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. जबकि मामूली चोट लगने वालों को शुरूआती इलाज के बाद घर भेज दिया गया.
भारी पुलिस बल तैनात
इस त्योहार के दौरान कई कैम्प बनाए गए थे. कैम्प में कई बेड्स, कई एम्बुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम के साथ फास्ट ऐड चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई थी. हजारों लोग इस अनोखा उत्सव में शामिल हुए थे. यह उत्सव हिंसक रूप न ले ले इसके लिए सरकार की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था.
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