Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा... वृंदावन आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बीच हाथरस का युवक 3 महीने से लापता

MP में करोड़ों का गबन, ईओडब्ल्यू ने सीएमओ और बड़े अफसरों पर किया केस दर्ज

38

मंडला/जबलपुर: मध्यप्रदेश में गबन और सरकारी धन के दुरुपयोग का नया मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन में हलचल मचा दी है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने नगर परिषद मंडला और भुआ बिछिया में बड़े पैमाने पर गबन के आरोप में प्रभारी सीएमओ समेत दो बड़े अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

 मामला क्या है?

मंडला की नगर परिषद निवास में प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) राजेश मार्को और लेखापाल शिव कुमार झारिया पर सरकारी राशि के गबन का आरोप है। आरोप है कि दोनों ने 3 करोड़ 80 लाख रुपए की एफडी से 15 लाख 50 हजार 892 रुपए की ब्याज राशि अपने फायदे के लिए गबन कर ली।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी सामने आया कि सहायक ग्रेड-3 दीपक रजक और शिवांशी इंडिया निधि लिमिटेड के संचालक भी इस गबन में शामिल थे।

भुआ बिछिया में भी सरकारी धन का दुरुपयोग

सिर्फ मंडला ही नहीं, भुआ बिछिया नगर परिषद में भी सरकारी धन का गबन हुआ। बताया गया कि दुकान नीलामी से प्राप्त 1 करोड़ रुपए को एफडी में निवेश करने के बाद ब्याज परिषद को न देकर 44 हजार 23 रुपए का गबन कर लिया गया।

 ईओडब्ल्यू की कड़ी कार्रवाई

जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू ने दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ये मामले भ्रष्टाचार और शासकीय निधि के दुरुपयोग के गंभीर उदाहरण हैं।

इस मामले से प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। जनता की निगाह अब ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर बड़े अफसरों के खिलाफ कौन-कौन जिम्मेदार पाए जाते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.