मोहाली: अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत लौटीं 73 वर्षीय हरजीत कौर ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार अमेरिका में है और यहां भारत में वे बिल्कुल अकेली हैं।
हरजीत कौर ने कहा कि गंभीर बीमारियों के बावजूद उन्हें दवाइयां तक नहीं दी गईं। ठंड के मौसम में सोने के लिए कोई सुविधा नहीं दी गई और 10 दिनों की हिरासत के दौरान उन्हें कई तरह की तकलीफें झेलनी पड़ीं। यहां तक कि उन्हें हथकड़कियां लगाकर रखा गया। हालांकि, विमान में बैठाने के बाद उनकी बेडिय़ां खोल दी गईं और अन्य 132 भारतीयों के साथ उन्हें अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया। हरजीत कौर ने बताया कि उन्हें खाने में ठंडी रोटी और पनीर वाला बीफ दिया जाता था, जिसे उन्होंने खाने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे कोई अपराधी हों।
जानकारी के अनुसार, हरजीत कौर पिछले 33 साल से अमेरिका में अपने परिवार के साथ रह रही थीं, लेकिन आवश्यक दस्तावेज न होने के चलते अमेरिकी सरकार ने उन्हें भारत डिपोर्ट कर दिया। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से अमेरिका ने गैरकानूनी प्रवासियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और लगातार भारतीयों समेत कई प्रवासियों को डिपोर्ट किया जा रहा है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.