चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान बाढ़ के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि आज विधानसभा की कार्यवाही का उद्देश्य भविष्य की योजना बनाना और बाढ़ से प्रभावित लोगों के जख्मों पर मरहम लगाना था, लेकिन कांग्रेस ने इस गंभीर मुद्दे पर सिर्फ राजनीति की। बैंस ने कहा कि बाढ़ के दौरान पंजाब के कई नेताओं, गायकों, समाजसेवियों और धार्मिक हस्तियों ने लोगों के लिए अच्छे काम किए। दुख की घड़ी में ही पता चलता है कि असल में कौन किसके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान बीमार पड़ गए, लेकिन कांग्रेस ने उन पर भी राजनीति की। “बीमारी किसी के हाथ में नहीं होती, कोई भी बीमार हो सकता है।”
उन्होंने भाजपा पर भी हमला बोला और कहा कि बाढ़ के दौरान भाजपा ने भी पंजाब का हाथ नहीं थामा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले 10 दिनों से प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें समय नहीं मिला है, जबकि प्रधानमंत्री तमिलनाडु का दौरा कर चुके हैं। बैंस ने कहा कि अगर आज भी सिर्फ राजनीति ही करनी है, तो जनता का पैसा बर्बाद करने का कोई मतलब नहीं है।
बैंस ने कहा कि पंजाब हमेशा से ही आहत रहा है, कुछ गैरों ने, कुछ अपनों ने और कुछ कुदरत ने। उन्होंने कहा कि 1947 का बंटवारा, 1984 के दंगे, 1988 की घटनाएं और प्राकृतिक आपदाओं ने पंजाब को तोड़ दिया। पंजाब में धार्मिक स्थलों पर हमले हुए, पंजाब के माथे पर चिट्टे का तेजाब फेंका गया और अब पंजाब फिर से बाढ़ से आहत है। उन्होंने कहा कि 5लाख एकड़ से ज्यादा फसलें बर्बाद हो गई हैं और पंजाब की समृद्धि फसलों से जुड़ी है। जिन घरों में पहले लोग गंदे जूते अंदर नहीं आने देते थे, अब वे मिट्टी से भर गए हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.