Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

नीमच में किसानों का हल्ला बोल, सोयाबीन फसल के लिए लागत के अनुसार मुआवजे की मांग, सरकार को दी चेतावनी

24

नीमच: मंगलवार को नीमच में सैकड़ों किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। किसानों ने हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया, जिन पर लिखे थे, ‘धरती मां मर रही है, सरकार सो रही है’ करीब आधे घंटे तक कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया गया और इस दौरान नीमच-महू हाईवे पर भी किसानों ने जाम लगाया। हालांकि पुलिस ने कुछ ही देर में उन्हें हटाया।

किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल में प्रति हेक्टेयर 54 हजार रुपये की लागत आई है और उसी हिसाब से मुआवजा दिया जाना चाहिए। जिले में अतिवृष्टि और पीला मोजेक रोग की वजह से अधिकांश किसानों की सोयाबीन की फसलें खराब हो गई हैं। कई जगह फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं।

एसडीएम संजीव साहू को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने कहा कि जिले में सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और बिना सर्वे किए तत्काल मुआवजे की आवश्यकता है। किसानों ने बीमा कंपनियों से इसी वित्तीय वर्ष में बीमा राशि का भुगतान करने की भी मांग की। उनका कहना है कि फसल कटाई के समय भारी बारिश और जलभराव के कारण पूरे जिले में फसल नष्ट हो गई और वे अगली फसल की बुवाई के लिए तत्काल मुआवजा चाहते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.