बस्तर: मणिपुर में उग्रवादियों से हुए मुठभेड़ में बस्तर के रहने वाले जवान रंजीत कश्यप शहीद हो गए. बस्तर जिले के बालेंगा गांव के रहने वाले रंजीत कश्यप ने साल 2016 में असम राइफल्स में अपनी नौकरी शुरू की थी. कुछ ही दिनों पहले रंजीत कश्यप अपनी छुट्टियों में गांव बालेगा आए थे और परिवार के साथ समय बिताया था. रंजीत अपने परिवार का इकलौता बेटा था. रंजीत की मौत से न केवल उसके बूढ़े माता पिता का सहारा खत्म हो गया बल्कि उसकी तीन बच्चियों के सिर से पिता का साया भी उठ गया. गांव से असम राइफल्स में नौकरी करने वाला रंजीत अकेला युवक था. अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने देश सेवा की भावना से यह नौकरी ज्वाइन की थी.
बस्तर का जवान मणिपुर में शहीद: गौरतलब है कि मणिपुर के विष्णुपुर जिले के नंबोल सबल लिकाई इलाके में उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के जवानों के वाहन पर अचानक गोलीबारी कर दी गई. इस गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए. जबकि तीन अन्य घायल हुए थे. इस हमले में रंजीत घटना स्थल पर ही शहीद हो गए. बीते रविवार को ही शहीद रंजीत अपने परिवार के साथ छुट्टी मना कर वापस ड्यूटी पर लौटे थे. रंजीत की एक बहन भी है जिसकी शादी बीएसएफ के जवान से हुई है. घटना की सूचना मिलने के बाद से गांव में मातम का माहौल है.
मणिपुर में असम राइफल्स पर हुआ हमला निंदनीय है. इसमें छत्तीसगढ़ के वीर सपूत राइफलमैन जीडी कशव सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया. मैं शहीदों को कोटि-कोटि नमन करता हूँ और शोकाकुल परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएँ साझा करता हूँ. उनका त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के पथ पर और दृढ़ संकल्पित करता है: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
बस्तर आईजी ने किया शहादत को नमन: बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि मणिपुर राज्य की घटना में बस्तर जिले के बालेंगा का जवान शहीद हो गया. उनकी शहादत को नमन करते हैं. शहीद रंजीत कश्यप के परिवार से प्रशासन व पुलिस संपर्क में है. जैसे ही पार्थिव देव गृह ग्राम पहुंचेगा. वैसे ही अंतिम सलामी व अंतिम संस्कार की प्रकिया की जाएगी. इस दुःख की घड़ी में शासन, प्रशासन व समाज परिवार के साथ खड़ा है.
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