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नगर निगम चुनाव 2026 में होगा बड़ा टकराव, इस मुद्दे पर गरमाएगी सियासत

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मोगा: अगले वर्ष होने वाले नगर निगम हाऊस के आम चुनाव को लेकर पंजाब सरकार के स्थानीय विभाग ने नई वार्डबंदी को हरी झंडी दे दी है। पिछले कुछ समय से नगर निगम मोगा के 50 वार्डों के चुनाव के लिए नई वार्डबंदी होने की कयास लग रही थी, परंतु अब इस संबंधी रस्मी तौर पर कार्रवाई शुरू होने से साफ हो गया है कि नई वार्डबंदी के तहत कुछ इलाके इधर-उधर हो सकते हैं।

नगर निगम मोगा के हाऊस के चुनाव 2021 में कांग्रेस की सरकार समय हुई थी तथा उस समय भी नई वार्डबंदी की थी, 50 वार्डों वाले निगम हाऊस में 25 पार्षद महिलाएं हैं। सूत्र बताते हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी से संबंधित पार्षदों द्वारा नई वार्डबंदी करवाने के लिए जोर आजमाइश की जा रही थी, पता लगा है कि पिछली वार्डबंदी के तहत कुछ वार्ड ऐसे हैं, जिनकी कुल वोट महज 800 तक है, जबकि कुछ वार्डों की वोट 2800 से 3000 तक है, अब नई वार्डबंदी के तहत 2 हजार के लगभग वोट वाले वार्ड बनाने की रणनीति बनाई जा रही है।

पता लगा है कि वार्डबंदी के लिए सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ने वाले इच्छुकों में तो उत्साह है, क्योंकि उनको लगता है कि वार्डबंदी उनके अनुसार हो सकती है, जबकि विरोधी पार्टियों के पार्षद इस मामले पर निराश हैं। इस मामले को लेकर विरोधी पार्टियों तथा सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं में टकराव पड़ सकता है। बताना बनता है कि हर सत्तारूढ़ पार्टी ने चुनाव से पहले अपने-अपने हिसाब से वार्डबंदी करवाने को तरजीह दी है।

2008 में अकाली दल की सरकार के समय भी 31 वार्डों की वार्डबंदी के बाद चुनाव हुआ तथा फिर नगर निगम बनाने के लिए पार्षदों ने इस्तीफे दे दिए थे, जिसके बाद 2015 के चुनाव से पहले 50 वार्डों पर पहली दफा चुनाव हुआ तथा अकाली दल की तरफ से अक्षित जैन मोगा के पहले मेयर बने। 2021 के चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी ने भी नई वार्डबंदी करवाई तथा अब आप सरकार द्वारा नई वार्डबंदी को तरजीह दी गई है।

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