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कर्नाटक में 12 लाख राशन कार्ड रद्द करने की तैयारी, सरकार ने पकड़ा फर्जीवाड़ा

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कर्नाटक में राशन कार्ड से जुड़ा बड़ा कदम उठने जा रहा है. राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने संकेत दिए हैं कि 12 लाख से अधिक बीपीएल कार्ड (गरीबी रेखा से नीचे) रद्द किए जा सकते हैं. कारण साफ है कि यह कार्ड ऐसे लोगों के हाथों में पहुंच गए हैं, जिन्हें इसकी असल में ज़रूरत नहीं है. कई अपात्र लोग वर्षों से बीपीएल कार्ड के माध्यम से सस्ता राशन लेते रहे हैं, जबकि गरीब और जरूरतमंद परिवार वंचित रह गए.

जांच में सामने आया है कि जिनके पास बड़ी ज़मीन, आलीशान मकान और लग्ज़री गाड़ियां हैं, वे भी बीपीएल कार्डधारी बने हुए हैं. कई लोग तो इस राशन का इस्तेमाल तक नहीं करते. ऐसे मामलों को देखते हुए लंबे समय से मांग उठ रही थी कि अपात्रों को हटाकर केवल योग्य लोगों को ही बीपीएल कार्ड दिए जाएं. अब सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाने का मन बना लिया है.

जल्द ही अपात्र कार्ड धारकों की पहचान होगी पूरी

इस विषय पर मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि विभाग ऐसे कार्ड धारकों को हटाने की तैयारी कर रहा है. जल्द ही अपात्र कार्ड धारकों की पहचान पूरी कर रद्दीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. उनका कहना है कि इस कदम से उन गरीब परिवारों को राहत मिलेगी, जिन्हें अब तक हकदार होने के बावजूद लाभ नहीं मिल पाया था.

अलग-अलग श्रेणियों में में कार्ड अपात्र पाए गए हैं

  • अंतर-राज्यीय राशन कार्ड धारक: 57,864
  • वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक वाले परिवार: 5,13,613
  • 7.5 एकड़ से अधिक भूमि वाले: 33,456
  • ई-केवाईसी न कराने वाले: 6,16,196
  • छह महीने से अधिक समय से राशन न लेने वाले: 19,893

इन आंकड़ों से साफ है कि बड़ी संख्या में लोग पात्रता के मानदंडों को पूरा नहीं करते, फिर भी वे बीपीएल कार्डधारी बने हुए हैं. राज्य सरकार ने 2017 में बीपीएल कार्ड जारी करने के स्पष्ट नियम बनाए थे.

बीपीएल कार्ड जारी करने के लिए पात्रता

  • परिवार में कोई सरकारी नौकरी न हो.
  • ग्रामीण क्षेत्रों में तीन हेक्टेयर से अधिक भूमि न हो.
  • शहरी क्षेत्रों में 1,000 वर्ग फुट से अधिक का मकान न हो.
  • परिवार के पास चार पहिया वाहन न हो.
  • वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो.

व्यावहारिक रूप से इन नियमों का सही से पालन नहीं हुआ. नतीजा यह हुआ कि बड़ी संख्या में अपात्र लोग बीपीएल कार्ड बनवाने में सफल रहे. अब जब विभाग कठोर कार्रवाई की तैयारी में है, तो उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में केवल वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही सस्ता राशन और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. इससे उन लाखों गरीबों को राहत मिलेगी जो अब तक व्यवस्था की खामियों की वजह से वंचित रहे हैं.

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