उत्तर प्रदेश की गाजीपुर जेल माफिया मुख्तार अंसारी के छोटे उमर अंसारी में बंद हैं. हालांकि अब उनकी जेल बदल दी गई है. शनिवार सुबह उमर अंसारी को कासगंज जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. इस बदलाव के पीछे की वजह पुलिस ने सुरक्षा कारणों को बताया है. उमर फर्जी दस्तावेज मामले में जेल में बंद हैं. उमर को 4 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था तभी से वो जेल में बंद हैं.
कासगंज जेल में ही उमर के भाई अब्बास अंसारी भी बंद हैं. अब्बास अंसारी पर साल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था. स मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने 31 मई को 2 साल की सजा सुनाई थी. साथ ही 3 हजार का जुर्माना भी लगाया गया था. हालांकि हाल ही में हाईकोर्ट ने उन्हें राहत दी है.
किस मामले में जेल में बंद है उमर?
दरअसल गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अपने पिता की संपत्तियों के मामले में ही जेल में बंद हैं. उमर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी मां अफशां अंसारी के नकली साइन करके जब्त की गई संपत्ति के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं. इसी मामले में उनपर मोहम्मदाबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था. उमर की मां और मुख्तार अंसारी की पत्नी पर भी पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था, जो लंबे समय से फरार चल रही हैं. अफशां खान पर करीब 13 मामले दर्ज हैं.
हार्ट अटैक से हुई थी मुख्तार अंसारी मौत
गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की आज से लगभग 3 साल पहले बांदा जेल में हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी. इस मौत को लेकर उस समय कई तरह के आरोप भी लगाए गए थे. परिवार ने अंसारी की मौत को साजिश बताया था, इसके साथ ही इसमें किसी और के शामिल होने का आरोप भी लगाया था. हालांकि इस पूरे मामले में जेल अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि मुख्तार को मौत से करीब 3 घंटे पहले ही इलाज के लिए मंडलीय कारागार से मेडिकल कॉलेज लाया गया था. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
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