महाराष्ट्र के सियासी इतिहास में आज का दिन दर्ज हो गया है. पूरे 20 साल बाद आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक बार फिर ठाकरे बंधुओं की केमिस्ट्री नजर आई है. एक ऐसी तस्वीर नजर आई जिसका किसी को अनुमान भी नहीं था. मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे विक्ट्री रैली में पहुंचे. स्टेज पर आगे बढ़कर दोनों ने एक दूसरे को गले लगाया और बड़ा सियासी संदेश दे दिया.
मराठी भाषा की अस्मिता को बचाने की इस लड़ाई में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक साथ आ गए हैं. फडणवीस सरकार के तीन भाषा नीति पर यू-टर्न लेने के बाद यह विक्ट्री रैली की गई. इस रैली के दौरान जहां एक तरफ राज ठाकरे ने साथ आने को लेकर कहा, जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो फडणवीस ने कर दिया. वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा, हम एकसाथ आए हैं, साथ रहने के लिए.
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