Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CGSSB Lecturer Vacancy 2026: 8 विषयों में होगी शिक्षकों की भर्ती; 29 नवंबर को संभावित परीक्षा, व्याप... Durg Crime News: कॉलेज की फीस भरने के लिए बने चैन स्नेचर; दुर्ग में इंजीनियरिंग के दो छात्र-छात्रा ग... Korba News: छोटे भाई को बचाने भालू से भिड़ा बड़ा भाई! छातीबहार के जंगल में हादसा, एनजीओ की लापरवाही ... Janjgir Gambling Raid: बनारी में सूने मकान में चल रहा था हाई-प्रोफाइल जुआ; पुलिस ने निकाला कारोबारिय... Durg Cylinder Theft Case: 36 भरे एलपीजी सिलेंडर चोरी करने वाला आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे; खरीदने वाल... Lesliganj Robbery Attempt: ग्राहक सेवा केंद्र में घुसे दो हथियारबंद लुटेरे; मां-बेटे ने जमकर की धुना... Karma Puja 2026: मांदर की थाप पर थिरका झारखंड; करमा पर्व की पूर्व संध्या पर रांची में सांस्कृतिक कार... State Level Nehru Hockey Tournament: रांची में सिमडेगा का दबदबा; अंडर-17 में सिमडेगा और अंडर-15 में ... Ranchi News: त्योहारों पर जरूरी सामानों की न हो किल्लत; रांची चैंबर ने एसएसपी से मांगी नो-एंट्री समय... Jhasa vs Yogendra Sau: हजारीबाग सीओ से बदसलूकी मामले में भड़का प्रशासनिक सेवा संघ; डीसी से की कार्रव...

ग्वालियर: 9 दिन में 9 बार धंस गई नई सड़क… 15 दिन पहले हुआ था उद्घाटन

28

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के पास वाली मुख्य सड़क 9 दिन में 9वीं बार धंस गई. इस सड़क का महज 15 दिन पहले ही निर्माण हुआ था. करीब दो किलोमीटर लंबी इस सड़क को लगभग 18 करोड़ की लागत से बनना बताया जा रहा है. लेकिन इतनी जल्दी ये सड़क धंस गई. यह सड़क केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जय विलास पैलेस से लेकर चेतकपुरी, माधव नगर गेट से होकर गुजर रही है.

पहले लोग इस सड़क के बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. लेकिन ये बनते ही जमीन में धंस गई. ऐसे में ये सड़क विवादों और चर्चा में आ गई है. इसके बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस बदहाल सड़क की जांच के आदेश दे दिए. कलेक्टर ने दो सदस्यीय तकनीकी टीम बनाई है, जो सड़क निर्माण से जुड़ी हर बात की बारीकी से पड़ताल करेगी.

दो सदस्यीय तकनीकी टीम करेगी जांच

दो सदस्यीय तकनीकी टीम खास तौर पर निर्माण की तकनीकी स्वीकृति से लेकर सड़क बनाने में इस्तेमाल मटेरियल, संबंधित एजेंसी और ठेकेदारों की भी जांच की जाएगी. इसके लिए जानकारी भी मांगी गई है. गठित जांच दल 5 दिन में यह सुनिश्चित करेगा कि सड़क का नियम और मापदंड के अनुसार निर्माण किया गया है या नहीं और अगर नहीं किया गया है तो इसके पीछे दोषी कौन हैं. ये पता लगाया जाएगा.

वॉटर ड्रेन प्रोजेक्ट के तहत निर्माण

फिलहाल पहली बारिश में हुए इन गड्ढों को भरने की कवायद जारी है और अब जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है. इसके बाद ही इतनी जल्दी सड़क धंसने के कारण पता चल पाएगा. बताया जा रहा है कि पिछले 15 दिन में ये सड़क 8 से 9 बार धंस चुकी है. इस सड़क पर ऐसे गड्ढे पड़ गए हैं, जैसे सड़क में कोई सुरंग बना दी गई हो. इस सड़क को बनाने में 18 करोड़ की लागत आई थी, जिसका वॉटर ड्रेन प्रोजेक्ट के तहत निर्माणा कराया गया था. इसमें जय विलास पैलेस से लेकर चेतकपुरी, माधव नगर गेट से होकर गुजरने वाली सड़क के निर्माण में 4.30 करोड़ लगे थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.