Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
श्रीनगर में सेना की गाड़ी के साथ बड़ा हादसा! अनियंत्रित होकर नहर में गिरा CRPF का बुलेटप्रूफ वाहन, 9... सियासी घमासान: अर्धनग्न प्रदर्शन पर CM रेखा के बिगड़े बोल! कांग्रेस ने याद दिलाया गांधी का त्याग, सि... Janakpuri Road Accident News: दिल्ली के जनकपुरी में सड़क हादसे में बच्ची की मौत, समय पर मदद न मिलने ... Sonia Gandhi Citizenship Case: सोनिया गांधी नागरिकता मामले में FIR की मांग वाली याचिका पर सुनवाई टली... Rajasthan SIR 2026 Data: राजस्थान में मतदाता पुनरीक्षण का काम पूरा: 31 लाख से ज्यादा नाम हटे, 12.91 ... Mayawati Slams Congress: एआई समिट में विवाद पर भड़कीं मायावती, कांग्रेस पर लगाया गंभीर आरोप; जानें व... सैलून में गुंडागर्दी! हमलावरों ने घुसकर मचाया उत्पात, जान बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रहीं लड़कियां; ... Punjab Police Job Fraud: पंजाब पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर बाप-बेटे से लाखों की ठगी, पुलिस ने ज... Property Registry Closed News: रजिस्ट्रियां बंद होने से भड़के प्रॉपर्टी कारोबारी, सरकार को दी उग्र आ... Ludhiana Crime News Today: लुधियाना में राहगीरों ने एक्टिवा सवार लुटेरों को पकड़ा, पुलिस के हवाले करन...

देश में 2047 तक इस्लामिक हुकूमत लाने की तैयारी में था PFI, श्रीनिवासन हत्याकांड मामले में NIA का बड़ा खुलासा

3

केरल के पलक्कड़ में आरएसएस कार्यकर्ता श्रीनिवासन की हत्या से जुड़े मामले में एनआईए ने बड़ा खुलासा हुआ है. जांच में खुलासा हुआ है कि प्रतिबंधित संगठन पीएफआई ने 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रची थी. 11 जून को एनआईए की एर्नाकुलम कोर्ट ने मोहम्मद बिलाल, रियाऊश्दीन और अन्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी. ये सभी उस केस में आरोपी हैं जिसमें आरएसएस कार्यकर्ता श्रीनिवासन की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी.

एनआईए ने कोर्ट में कहा कि PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) जो कि अब एक प्रतिबंधित संगठन है, उसके सदस्य और पदाधिकारी पिछले कई सालों से एक बड़ी साजिश में जुटे थे. उनका मकसद था देश में दहशत फैलाना, साम्प्रदायिक तनाव बढ़ाना और 2047 तक भारत में इस्लामी शासन लागू करना था.

इस्लामिक शासन की तैयारी कर रहे थे PFI के सदस्य

NIA के मुताबिक, PFI के सदस्य पहले भी SIMI जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े रहे हैं और LeT, ISIS और अल-कायदा जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से भी इनके संबंध हैं. संगठन के कई कैडर ऐसे हैं जो इन आतंकी संगठनों के भी सदस्य रहे हैं. PFI के लोगों ने केरल समेत देश के कई हिस्सों में हिंसा और हत्याओं को अंजाम दिया, जिससे आम लोगों में डर बैठ गया.

एनआईए का दावा है कि PFI न सिर्फ आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा था, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को खत्म कर, एक नया इस्लामिक संविधान लागू करने की योजना बना रहा था.

PFI के प्लान के थे चार फेज

1- पहले फेज़ में मुस्लिम समुदाय को एक झंडे के नीचे लाना था.

2- SDPI नाम की राजनीतिक पार्टी के जरिए दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को जोड़कर चुनाव जीतना था.

3- उसके बाद समाज में फूट डालकर धीरे-धीरे सत्ता में घुसपैठ करनी थी.

4 – आखिरी स्टेज में योजना थी कि SDPI को पूरे मुस्लिम समाज का प्रतिनिधि बना दिया जाए, बाक़ी मुस्लिम संगठनों को किनारे कर दिया जाए.

इसके बाद न्यायपालिका, सेना और पुलिस में अपने वफादार लोगों को बिठाकर विरोधियों को रास्ते से हटाया जाए. हथियारों का ज़खीरा तैयार कर देश में इस्लामिक कानून लागू कर दिया जाए.

पूरे प्लान के तहत हुआ था श्रीनिवासन का मर्डर

एनआईए ने बताया कि PFI के पास एक खास रिपोर्टर विंग और सर्विस विंग था. रिपोर्टर विंग इलाके के हिंदू नेताओं की रेकी करता था और लिस्ट तैयार करता था, जिनमें से टारगेट चुनकर सर्विस विंग के जरिए हत्या करवाई जाती थी. श्रीनिवासन की हत्या भी इसी साजिश का हिस्सा थी.

NIA के अनुसार, यह कोई अचानक हुआ अपराध नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित आतंकवादी हमला था. श्रीनिवासन को इसलिए मारा गया क्योंकि वो उनके निशाने पर था. पूरी तैयारी के बाद उसे मौके पर देखकर बेरहमी से मार डाला गया. इसी साल मार्च में ईडी ने SDPI के प्रमुख एमके फैज़ी को भी गिरफ्तार किया था, जो इस पूरी साजिश की एक अहम कड़ी माने जा रहे हैं.

कुल मिलाकर, एनआईए ने कोर्ट में जो तथ्य रखे हैं, वो इस बात की ओर इशारा करते हैं कि PFI एक गंभीर आतंकी साजिश में शामिल था, जिसका मकसद केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करना था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.