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ऑपरेशन सिंदूर जारी, आंख उठाने वालों को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब… NIA की कामयाबी पर बोले पीयूष गोयल

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पहलगाम आतंकी हमले के मामले में NIA ने पाक आतंकियों को पनाह देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी की इस कामयाबी पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है. प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह आतंकवाद के खिलाफ जंग लड़ने के लिए पूरी तरह से कटिबद्ध हैं.

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अगर भारत के खिलाफ आंख उठाकर देखेगा तो उसे मुंहतोड़ जवाब मिलेगा. दरअसल, एनआईए ने जिन दो हैंडलर्स को गिरफ्तार किया है, उन पर उन आतंकियों को पनाह देने का आरोप है, जिन्होंने उस भयानक हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे.

आतंकियों को पनाह देने वाले 2 गिरफ्तार

पहलगाम के बटकोट निवासी परवेज अहमद जोथर और पहलगाम के हिल पार्क निवासी बशीर अहमद जोथर ने हमले में शामिल तीन हथियारबंद आतंकियों की पहचान बताई है और यह भी पुष्टि की है कि वे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे.

एनआईए की जांच के मुताबिक, परवेज और बशीर ने हमले से पहले हिल पार्क में मौसमी ढोक (झोपड़ी) में तीन हथियारबंद आतंकवादियों को जानबूझकर शरण दी थी. दोनों लोगों ने आतंकियों को भोजन, आश्रय और रसद सहायता प्रदान की थी, जिन्होंने धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को चुन-चुन कर मार डाला, जिससे यह अब तक का सबसे भीषण आतंकवादी हमला बन गया.

एनआईए ने दोनों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है. 22 अप्रैल 2025 को दुनिया को हिला देने वाले हमले के बाद दर्ज किए गए मामले आरसी-02/2025/एनआईए/जेएमयू की आगे की जांच कर रही है. मामले में आगे की जांच जारी है.

22 अप्रैल को हुआ था आतंकी हमला

22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में आतंकियों ने हमला कर दिया था. इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हुए थे. इस हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी. इसके तहत भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकाने को तबाह किया था. इस हमले में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे.

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